रविवार, 25 नवंबर 2018

स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर का क्या मतलब है?


स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर का क्या मतलब है?

अगर आप व्हाट्सएप प्रो हैं तो शायद इन दोनों टर्म्स का मतलब शायद आपको पता होगा लेकिन अगर नहीं तो कोई बात नहीं। Hindi365 आपको आज बताएगी स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर क्या होता है ?

व्हाट्सएप स्टीकर पैक इमेज क्रेडिट : इंडियन एक्सप्रेस 
दरअसल एक दौर था जब एसएमएस का दौर था फिर व्हाट्सएप का दौर आया और एसएमएस में गिरावट आ गयी। समय के साथ साथ लोगों का एक्सप्रेस करने का तरीका बदलता रहता हैं। व्हाट्सएप में पहले इमोटिकॉन्स से ही काम चल जाता था। लोगों को बहुत सारे इमोटिकॉन्स का मतलब भी नहीं पता होता है लेकिन कई बार फिर भी लोग उनका अपनी भावना व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल होता है। 
इमोटिकॉन्स का फायदा क्या होता है ?
क्या कभी सोचा है लोग लिखने की बजाय इमोटिकॉन्स का इस्तेमाल क्यों करते हैं। वो इसलिए किया जाता है कि एक छोटा सा इमोटिकॉन काफी बड़ी बात कह देता है। काफी बड़ी बड़ी बातें बता देते हैं आपके इमोटिकॉन्स। 

इमोटिकॉन्स के बाद स्टीकर्स का जमाना आया और जरुरत उससे भी पूरी नहीं हो पायी तो उसके बाद आया है कस्टम स्टीकर्स जिससे ये दोनों टर्म्स स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर जुड़े हुए हैं। 
दरअसल हाल ही में एक एंड्रॉइड एप आयी है जिसका नाम है -'स्टीकर मेकर फॉर व्हाट्सएप '.  इस एप के जरिये आप अपने कस्टम स्टीकर बना कर व्हाट्सएप पर इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए जो स्टीकर पैक का नाम आप इसमें डालते हैं उसे स्टीकर पैक नेम कहते हैं और जो स्टीकर बनाता है उसका नाम स्टीकर पैक ऑथर कहलाता है। 

ऊपर दिए गए फोटो से आईडिया हो गया होगा कि यह कैसे काम करता है। एक बार आपका स्टीकर पैक बन जाता है उसके बाद आप अपने खुद के बनाये हुए स्टीकर भी व्हाट्सएप में इस्तेमाल कर सकते हैं। 
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