शुक्रवार, 23 नवंबर 2018

अरुण जेटली के बारे में जानकारी


अरुण जेटली के बारे में जानकारी

अरुण जेटली को ऐसे कम ही लोग होंगे जो जानते नहीं होंगे अन्यथा ज्यादातर लोग उन्हें जानते हैं क्योंकि वह गत कई वर्षों से राजनीती में अच्छे स्थान पर रहे हैं। आज हम जानेंगे कि वह किस तरह वकालत करने के पश्चात और एक अच्छे अर्थशास्त्री होने के पश्चात अपने इस कद पर कैसे पहुंचे?

अरुण जेटली - हिंदी 365
अरुण जेटली - हिंदी 365
अरुण जेटली व्यवसाय से वकील और राजनीतिज्ञ हैं। इनका जन्म 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में हुआ। दिल्ली में ही पूरी शिक्षा हुई। संत ज़ेवियर स्कूल से पूरी 12वीं तक की शिक्षा हुई और फिर बहुत ही प्रतिष्ठित कॉलेज -श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से बीकॉम किया बहुत ही अच्छे अंको के साथ उसके बाद इन्होने दिल्ली विश्व विद्यालय के लॉ फैकल्टी से 1977 में एलएलबी कर ली। 
अपने ग्रेजुएशन के दिनों से ही छात्र राजनीति में आ चुके थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जेटली स्टूडेंट लीडर थे और काफी मोर्चो में हिस्सा लेते थे। 1973 में भ्रस्टाचार के खिलाफ जो आंदोलन हुआ जयप्रकाश और राजनारायण के द्वारा उसमे इन्होने सक्रीय रूप से हिस्सा लिया था। पढाई में होशियार के साथ साथ राजनीति भी बनती जा रही थी। ये दिल्ली एबीवीपी के अध्यक्ष रहे और फिर पुरे भारत के एबीवीपी अध्यक्ष भी रहे। 1980 में ये इसी तरह काम करते हुए भाजपा युवा मोर्चा दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष बन गए। 
बाद में 1987 में इन्होने सुप्रीम कोर्ट और अन्य हाई कोर्ट में लॉ प्रैक्टिस शुरू कर दी। इन्होने काफी केस लडे हैं उन्हें अलग आर्टिकल में कवर करेंगे। पहले दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर अधिवक्ता बने और फिर सुप्रीम कोर्ट में सीनियर अधिवक्ता बने। 
1991 में फिर से बीजेपी ज्वाइन कर ली। 1999 के आम चुनावों में वे भाजपा के प्रवक्ता बन गए। 13 अक्टूबर 1999 को वाजपेयी की सरकार में ये इनफार्मेशन एवं ब्राडकास्टिंग राज्यमंत्री बने। इसी तरह यहाँ से उनकी सक्रीय राजनीती शुरू हो चुकी थी और वकालत की प्रैक्टिस  छोड़ दी। 
इस समय अरुण जेटली 23 अगस्त 2018 से देश के वित्त मंत्री हैं . कॉर्पोरेट अफेयर मंत्रालय भी इन्ही के अधीन है।  इनके वर्तमान कार्यकाल में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स का लोकार्पण बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य रहा। 

इन्होने 1982 में जम्मू कश्मीर के भूतपूर्व वित्त मंत्री गिरधारी लाल डोगरा की बेटी संगीता डोगरा से शादी की। इनके दो बच्चे हैं रोहन और सोनाली। दोनों ही बच्चे वकालत प्रैक्टिस कर रहे हैं। 

अब हम अरुण जेटली से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न देखेंगे :
प्रश्न : 2018 में अरुण जेटली किस राज्य की राज्यसभा से चुने गए ?
उत्तर : पहले वो गुजरात से राज्यसभा में थे। मार्च 2018 को उत्तर प्रदेश सरकार से वह फिर से राज्यसभा पहुंचे। इस तरह अरुण जेटली 02 जून 2014 से लीडर ऑफ़ हाउस हैं। 
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