रविवार, 25 नवंबर 2018

अंतरिक्ष यात्री को आकाश काला क्यों दिखाई देता है ?


अंतरिक्ष यात्री को आकाश काला क्यों दिखाई देता है ?

यह प्रश्न कई बार सुनने में आता है इसलिए सोचा कि इस पर लिखूं और समझाऊं आप सभी को कि ऐसा क्यों व कैसे होता है ?
काला आसमान और अंतरिक्ष यात्री - Hindi365
काला आसमान और अंतरिक्ष यात्री - Hindi365
दरअसल आपको लगता होगा कि पृथ्वी पर तो आसमान का रंग नीला होता है लेकिन अंतरिक्ष यात्री को फिर आसमान काला क्यों दिखाई देता है? दरअसल मैं आपके भ्रम को थोड़ा सा दूर कर दूँ। ये जो आसमान का कलर आपको नीला दिखाई देता है वो दरअसल नीला नहीं बल्कि काला ही है। क्यूंकि अगर रंग नीला होता तो रात को आसमान काला दिखाई देता ही नहीं। शायद थोड़ा समझ आया होगा आपको। 
कोई बात नहीं पूरा समझा के ही छोड़ेंगे आपको आज। दरअसल ये दिन में जो आपको इस बादल क रंग नीला दिखाई देता है इसका कारण हैं सूर्य की रौशनी का पृथ्वी के उस हिस्से पर पड़ना। अब आपको समझ आएगा कि अगर इंडिया में किसी समय दिन है तो यहाँ पर आसमान नीला दिखाई देता है लेकिन उसी समय अगर आप अमेरिका में किसी जगह फोन करके पूछेंगे तो आपको पता चलेगा कि वहां पर आसमान काला ही दिख रहा है। तो जो चीज बदल रही है वह है सिर्फ सूरज से आती रौशनी। इसलिए पृथ्वी के जिस हिस्से पर रौशनी पड़ती है उस हिस्से पर आसमान नीला दिखाई पड़ता है और दूसरे हिस्से पर काला लेकिन उसका वास्तविक रंग काला ही है। 
दिन में क्यों दिखाई देता है आसमान नीला ?
क्योंकि पृथ्वी पर आने वाली सूर्य की रौशनी भरी किरणे पृथ्वी के ऊपर बनी पर्यावरण की परतो को पार करके नीचे पहुँचती हैं। प्रकाश की ये किरणे पर्यावरण के विभिन्न छोटे अणुओं से टकराकर बिखर जाती हैं और बिखरनी पर हमें नीला रंग इसलिए उस रौशनी का दिखता है क्योंकि नीले रंग की आवृति सबसे ज्यादा होती है। इसी वजह से जब सूर्यास्त या सूर्योदय के समय प्रकाश की रौशनी हमसे दूर जाने लगती है तो बड़ी तरंग धैर्य वाला कलर हमें नजर आने लगता है और आसमान हल्का लाल नजर आने लगता है। तो ये आसमान का रंग तो सिर्फ काला ही है लेकिन पृथ्वी का मौजूदा वातवरण और ये प्रकाश की उपस्थिति आसमान को नीला दिखाती है दिन में। 
अंतरिक्ष यहाँ से और ऊपर से बहुत कुछ अलग नजर नहीं आता। हमें भी रात को आसमान काला ही दिखाई देता है। 

अब जानते हैं इस विषय की मैन वजह। अंतरिक्ष यात्री को आसमान काला इसलिए दिखाई देता है क्योंकि वहां पर पृथ्वी जैसा कोई वातावरण नहीं है जो सूर्य या अन्य किसी तारे से आने वाली प्रकाश किरण को बिखेरे। प्रकाश के बिखरने से ही रंग पैदा होता है।  इसी वजह से यहाँ पर हर समय आसमान काला ही नजर आता है। अगर आपने चन्द्रमा के ऊपर खींची गयी फोटो कभी देखी होंगी तो आप उनमे पाएंगे की सभी फोटो में आसमान काला ही दिखाई दे रहा है। 

अब मुझे लगता है आपको सही से समझ आ गया होगा। शेयर जरूर करें ताकि यह अच्छी जानकारी सब तक पहुंचे। 
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