सोमवार, 26 नवंबर 2018

कैसे पहुँचते हैं अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन?


कैसे पहुँचते हैं अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन?

लोग हवाई जहाज में उड़ने के ख्वाब देखते रहते हैं। स्पेसक्राफ्ट में घूमना तो बहुत बड़ी बात है लेकिन कोई बात इतनी भी बड़ी नहीं होती। क्या पता कभी कोई इस पोस्ट को पढ़ने वाला ही अंतरिक्ष में चला जाये। कोई नहीं जानता कल क्या होगा? आज में आपको बताऊंगा कि एस्ट्रोनॉट पृथ्वी से अंतरिक्ष में हमारे स्पेस स्टेशन पहुंचते कैसे हैं ?
सोयुज यान में अंतरिक्ष यात्री - हिंदी 365
सोयुज यान में अंतरिक्ष यात्री - हिंदी 365 
दरअसल अंतरिक्ष में जो स्पेस स्टेशन है उस पर हर समय 3 -  6 लोग रहते हैं। ये लोग हर छह महीने बदलते रहते हैं। हर तीन महीने पर पृथ्वी से एक सोयुज यान छोड़ा जाता है अंतरिक्ष के लिए। इस सोयुज कैप्सूल में बैठकर नए लोग पृथ्वी से स्पेस स्टेशन पहुँचते हैं। 
ये सोयुज रूस के कजाखस्तान से प्रक्षेपित किये जाते हैं। सोयुज में एस्ट्रोनॉट के अलावा खाने की सप्लाई और स्टेशन की जरुरत वाली वस्तुएं भी भेजी जाती हैं। अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप सभी के अंतरिक्ष यात्री इस रुसी यान सोयूज़ से ही अंतरिक्ष में पहुँचते हैं। ये अब लगभग 6 घंटे में अंतरिक्ष यात्री को पृथ्वी से स्पेस स्टेशन पर पहुंचा देता है। 
हर एक क्रू मेंबर 6 महीने तक स्टेशन पर रहकर आता है। हर तीन महीने पर तीन नए सदस्यपृथ्वी से स्टेशन और तीन पुराने सदस्य  स्टेशन से पृथ्वी आ जाते है।  बाकी तीन पुराने सदस्य नए सदस्यों को वहां चल रहा सारा काम समझाकर और पूरा हैंडओवर करके अगले त्रि मासिक सोयुज  ट्रिप से नीचे आ जाते हैं। 
इस तरह हर समय कम से कम तीन अथवा 6 लोग स्टेशन पर बने रहते हैं। और ये कार्यक्रम जारी रहता है। 

अब आपको प्रश्न आया होगा कि लोग वापस कैसे आते हैं ?
लोग वापस भी सोयुज में बैठकर ही पृथ्वी पर पहुंचते हैं। सोयूज़ विमान को इसि काम के लिए स्पेशली रखा गया है। पृथ्वी से स्पेस और स्पेस से पृथ्वी। और हाँ हर बार नया सोयुज ही पृथ्वी से स्पेस जाता है। इसका पून: इस्तेमाल नहीं किया जाता। 
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