मंगलवार, 27 नवंबर 2018

कल्पना चावला के बारे में जानकारी


कल्पना चावला के बारे में जानकारी

आज हर कोई मां बाप अपनी बेटी को कल्पना चावला की मिशाल देते हैं। कल्पना चावला का नाम सबने ही सुना होगा। ये भारत के राज्य हरियाणा की बेटी सिर्फ 40 साल के जीवन में अपना नाम विश्व में अमर कर गयी। आज आपको कल्पना चावला के बारे में विस्तार से बताने की कोशिश करेगी Hindi 365

कल्पना चावला कोलंबिया स्पेस शटल में बैठी हुए। हिंदी 365
कल्पना चावला कोलंबिया स्पेस शटल में बैठी हुए। हिंदी 365
कल्पना चावला एक अमेरिकन अंतरिक्ष यात्री थीं। और 17 नवम्बर 1997 को  वह पहली भारतीय महिला थीं जो अंतरिक्ष पहुंची। आपको बता दूँ वो एक बार नहीं बल्कि 2 बार अंतरिक्ष में गयी थी एक बार 1997 में और फिर दूसरी बार 2003 में। उनका नाम कल्पना चावला था लेकिन अमेरिका में अधिकतर लोग उन्हें केसी कहकर बुलाते थे।

कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल जगह में हुआ था। उनका औपचारिक जन्म तिथि बदल कर 01 जुलाई 1961 करना पड़ा क्योंकि वो दसवीं के पेपर नहीं दे पा रही थी। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चडीगढ़ से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की उसके बाद 1982 में वो अमेरिका चली गयी जन्म के कुछ 20 साल बाद। वहां पर उन्होंने 1984 में टेक्सास विश्वविद्यालय से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर लिया। और उन्होंने उसके बाद 1988 में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कोलराडो यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट कर ली।
कल्पना चावला ने 1983 में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और हवाई लेखक जीन पिएरे हैरिसन से लव मैरिज कर ली। हैरिसन से वो अमेरिका पहुँचने एक अगले दिन अर्लिंग्टन में ही मिली थी। 
1991 में उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिल गयी। उसके बाद केसी ने नासा एस्ट्रोनॉट कॉर्प्स के लिए अप्लाई कर दिया। इससे ही एस्ट्रोनॉट सेलेक्ट करता है अमेरिकी संसथान नासा।मार्च 1995 में उनकी जोइनिंग हो गयी और 1996 में उनकी पहली फ्लाइट हुई। 
उसके बाद 1997 में वो पहली बार स्पेस शटल कोलंबिया से अंतरिक्ष में गयी। उनका काम था रोबोटिक आर्म को चलाना और उसको मॉनिटर करना। ये सब कम्प्यूटर के माध्यम से ऑपरेट होता था। एस्ट्रोनॉट बनने से पहले कल्पना छोटे छोटे शटल पर इस तरह के शोध कर रही थी नासा के एक दूसरे विभाग में।जब वो पहली बार स्पेस में गयीं तो करीब 15 दिन 12 घंटे अंतरिक्ष मैँ रहीं। 

उसके बाद 2003 में वो फिर से कोलम्बिआ शटल के 7 लोगों के क्रू में चुनी गयी। 16 जनवरी 2003 को वो फिर से स्पेस शटल कोलंबिया(STS-107) से अंतरिक्ष में दाखिल हुई। शटल में कुछ तकनीकी खराबी आ गयी। तो उनके शोध ट्रिप को छोटा कर दिया गया ये 28 वां कोलंबिया शटल अभियान था। 01 फरबरी 2003 को 15 दिन 2 घंटे और 54 मिनट अंतरिक्ष में बिताने के बाद जब कोलंबिया शटल घर पहुँचने वाला ही था। उस तकनीकी खराबी के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में घुसने के बाद शटल ने आग पकड़ ली। और 7 के 7 क्रू हमेशा के लिए हमसे दूर चले गए. पूरे विश्व के लिए बहुत ही बेकार दिन था ये। 
kalpana chawla easy sketch - Hindi365
कल्पना चावला स्केच 
कल्पना चावला से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न :

प्रश्न : नासा ने एसजीआई अलटिक्स 3000 अपने सुपरकम्प्यूटर को किस एस्ट्रोनॉट का नाम दिया था ?
उत्तर : कल्पना का स्पेस में योगदान देखते हुए और कल्पना का कम्प्यूटरों में इंटरेस्ट को देखते हुए नासा ने 2004 में लगने वाले नासा एमेस रिसर्च सेंटर में लगने वाले सुपर कंप्यूटर को कल्पना चावला केसी नाम दिया। 

प्रश्न : कल्पना चावला की शादी किससे हुई थी ?
उत्तर : जेपी हैरिसन से। 

प्रश्न : क्या कल्पना चावला ने शटल से 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ता हमारा' गया था ?
उत्तर : भारतीय होने के नाते वो ऐसा सोचती तो जरूर होंगी लेकिन ये उन्होंने नहीं गाया था बल्कि जब इंदिरा गाँधी और राकेश शर्मा की बातचीत हुई थीं तो राकेश शर्मा को जब इंदिरा गाँधी ने पूछा था कि स्पेस से भारत कैसा दिखता है तो राकेश शर्मा ने बताया था - 'मैं बगैर किस झिझक के कह सकता हूँ सारे जहां से अच्छा'
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