शनिवार, 24 नवंबर 2018

सुषमा स्वराज के बारे में जानकारी


सुषमा स्वराज के बारे में जानकारी

आइए आज जानते हैं लोगों की बेहद चहेती नेता सुषमा स्वराज के बारे मे। सुषमा स्वराज के पिता हरदेव शर्मा आरएसएस के एक ऊचें कद के नेता थे। बस राजनीति से इतना कनेक्शन था इनका और आज देखिये किस तरह अपने दम पर ये किस पद पर पहुँच चुकी हैं।


सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अम्बाला में हुआ। अम्बाला के सनातन धर्म कॉलेज से सुषमा जी ने संस्कृत और राजनीति शास्त्र के साथ बीए किया और फिर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से लॉ की पढाई की। उनमे बोलने का इतना हुनर है कि हरियाणा विश्व विद्यालय के लैंग्वेज डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्हें लगातार तीन बार बेस्ट हिंदी स्पीकर का अवॉर्ड मिला। 
1973 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी। सुषमा जी का राजनीतिक करियर भी एबीवीपी से ही शुरू हुआ इनके पति स्वराज कौशल उस समय के सामाजिक कार्यकर्ता जॉर्ज फर्नांडिस से जुड़े हुए थे। इस तरह सुषमा जी उनकी वकीलों की टीम का हिस्सा बन गयी। फिर जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी इन्होने हिस्सा लिया। 
25 साल की उम्र में यह हरियाणा की सबसे छोटी कैबिनेट मिनिस्टर बन गयी। इन्होने अम्बाला कैंट की सीट पर अपना कब्ज़ा कर लिया था। वो दो बार इस सीट से विधायक बनी 1977 -82 और फिर 1987 - 1990. उस समय हरियाणा में जनता दल की सरकार थी और देवी लाल मुख्यमंत्री थे हरियाणा के। तो उन्होंने सुषमा को कैबिनेट मिनिस्टर बनाया। फिर बाद में जब सुषमा चुनकर आयीं तो शिक्षा मंत्री रही हरियाणा सरकार में। 
1998 में सुषमा स्वराज दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी लेकिन महगाई बढ़ने के कारण उनकी सरकार गिर गयी। और फिर इसी तरह सुषमा राष्ट्रीय स्तर की राजनीती में आ गयी। 
1990 में वह राज्यसभा के लिए चुनी गयी। 06 साल बाद दिल्ली साउथ से लोकसभा सदस्य के तौर पर 1996 में चुनी गयी और वाजपेयी सरकार में यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर(इनफार्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग ) रही। लेकिन सरकार 13 दिन ही चल पायी। इसी तरह सुषमा अब एक राष्ट्रिय नेता बन चुकी थी। वह काफी लोकप्रिय है। उन्होंने काफी जगह से अपना हाथ आजमाया और ज्यादातर रिजल्ट अच्छे ही आये। 
इस समय सुषमा जी मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से दूसरी बार लोकसभा सदस्य हैं और वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार में 26 मई 2014 से विदेश मंत्री हैं। इंदिरा गाँधी के बाद वह देश की दूसरी महिला विदेश मंत्री हैं। 

सुषमा स्वराज से जुड़े कुछ प्रश्न 
प्रश्न : विश्व हिंदी दिवस सम्मेलन 2018 के अवसर किसने मॉरीशस में पाणिनि भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया है
a नरेन्द्र मोदी
b अरुण जेटली
c सुषमा स्वराज
d रामनाथ कोविंद
उत्तर : सुषमा स्वराज

प्रश्न : निम्न में से किसने कभी लोकसभा चुनाव नहीं हारा ममता बनर्जी, मेनका गाँधी, सुषमा स्वराज व सुमित्रा महाजन ?
उत्तर : सुमित्रा महाजन

प्रश्न : सुषमा स्वराज कब लोक सभा चुनाव हारी ?
उत्तर : सितम्बर 1999 में 13वे लोकसभा चुनावों में सुषमा को बीजेपी ने कर्नाटक की बेल्लारी सीट से लोकसभा चुनाव लड़वाया। ये सीट हमेशा से कांग्रेस के पास रही थी। यहाँ सोनिया गाँधी जी के खिलाफ सुषमा जी ने काफी मेहनत करके कन्नड़ में भाषण देकर सिर्फ 12 दिन में खूब लोकप्रियता बटोरी। कांग्रेस पार्टी  ने अपनी पूरी ताकत झौंक दी इज्जत बचाने के लिए। सुषमा सिर्फ 7 प्रतिशत वोट के मार्जिन से चुनाव हार गयी। सुषमा ने 12 दिन में करीब 358000 वोट पाए थे।

प्रश्न : सुषमा स्वराज जब विदेश मंत्री बनी तो पहली बार वो किस देश के दौरे पर गयी ?
उत्तर : उनकी विदेश मंत्री बनने के बाद 25 जून 2014 को पहला विदेशी दौरा बांग्लादेश का हुआ। वो ढाका में बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हमीद, प्रधान मंत्री शेख हसीना और वहां के विदेश मंत्री ए एच महमूद अली से मिली। 
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