मंगलवार, 13 नवंबर 2018

श्री ऱघुनाथ की मूर्ति अयोध्या से कुल्लू कब लाई गयी ?


श्री ऱघुनाथ की मूर्ति अयोध्या से कुल्लू कब लाई गयी ?

सन 2014 में कुल्लू से भगवान राम की मूर्ति चोरी हुई लेकिन वह अयोध्या से कुल्लू कब आयी। आइये जानते हैं इसके बारे में। 
रघुनाथ मंदिर कुल्लू 
दरअसल इस समय हम कुल्लू के सुल्तानपुर में बने रूपी पैलेस में रघुनाथजी मंदिर की बात कर रहे हैं सन 2014 में इस मंदिर में रखी अष्टधातु की मूर्तियों की चोरी हो गयी थी। तब से इस खबर पर काफी बवाल मचा। आज हम आपको बताएंगे कि ये मूर्ति 1651 में अयोध्या से कुल्लू लाई गयी थी। उस समय कुल्लू में राजा जगत सिंह का शासन चलता था। तब 1651 में अयोध्या से भगवान राम और हनुमान की अष्टधातु की बनी ये मूर्ति कुल्लू में लाई गयी थी। 
ये सभी मूर्ति दूसरी तीसरी शताब्दी की बनी हुई प्रतिमा हैं। क्यूंकि लोगों का मानना है कि ये रामायण युग की हैं इसलिए इन मूर्ति के धातु और गहनों की कीमत बता पाना कठिन है। इसी कारण से इस मंदिर में कई बार चोरी हुई। जब से रघुनाथजी की प्रतिमा कुल्लू में आयी तब से ही कुल्लू का मशहूर दशहरा उत्सव यहाँ पर शुरू हुआ। 

हालाँकि में आपको बता दूँ बाद में हिमाचल प्रदेश की पुलिस को ये मूर्तियां मिल गयी। 

कुछ जानकारी कुल्लू के बारे में 
कुल्लू हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का एक क़स्बा है। यह ब्यास नदी के किनारे पर बसा हुआ है। अगर आप ठंडी जगह पर भारत में ट्रिप करना चाहते हैं तो कुल्लू मनाली एक बहुत ही उत्तम विकल्प समझा जाता है।

कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करो 
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