सोमवार, 12 नवंबर 2018

राम अयोध्या किस महीने लोटे थे ?


राम अयोध्या किस महीने लोटे थे ?

आज हम आपको बताएँगे कि भगवान राम का वनवास कब शुरू हुआ और किस दिन वह वापस अयोध्या लौटे। ये सभी तथ्य हम विभिन्न ग्रंथों के अनुसार जैसे वालीमिकी रामायण, तुलसीदास द्वारा रचित्त रामचरितमानस, रघुवंशम जो की कालिदास जी ने लिखा इन सबके आधार पर बता रहे हैं। 


श्री राम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ के पुत्र के रूप में हुआ। पिता के सबसे बड़े वारिस होने के कारण व मर्यादा पुरुषोत्तम रहने के कारण राजा दशरथ और प्रजा चाहती थी कि वह अयोध्या के राजा बने। यह बात उनकी सौतेली माँ को अच्छी नहीं लगी  वह चाहती थी कि राजा उनका पुत्र भरत बने। 
यही सब अपनी अच्छा उन्होंने दशरथ जी के सामने रखी लेकिन दशरथ जी ने माने फिर कैकयी ने वचन बद्ध करके अपनी बात मनवा ली। और राम जी के लिए 14 वर्ष का बनवास मांग लिया। 
तो इन्ही ग्रंथो के अनुसार राम जी चैत्र मास में 14 वर्ष का वनवास काटने के लिए अयोध्या से निकले। वह उस समय 25 वर्ष के थे। उनके साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता जी भी वनवास के लिए गयीं। सजा सिर्फ राम को हुई थी। लेकिन घर के तीन सदस्य वन में जीवन गुजारने पहुंचे। 
14 साल बाद जब राम लगभग 39 वर्ष के थे उस समय कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में अमावस्या के दिन राम जी पुष्पक विमान में बैठकर श्री लंका से अयोध्या पहुंचे और इस हर्ष में लोगों ने दीपक जलाये और तभी से इस दिन दिवाली मनाई जाती है। 

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