शुक्रवार, 30 नवंबर 2018

अक्षय कुमार से जुड़े उनके फैंस के प्रश्न

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अक्षय कुमार से जुड़े उनके फैंस के प्रश्न

प्रश्न : अक्षय कुमार का ब्रदर्स फिल्म में नाम क्या था ?
उत्तर : 2015 में आई इस फिल्म में अक्षय का नाम था डेविड फर्नांडिस। सिद्धार्थ मल्होत्रा को इस फिल्म में अक्षय का भाई दिखाया गया है। सिद्धार्थ का इस फिल्म में नाम था - मोंटी फर्नांडिस

अक्षय कुमार हिंदी365
अक्षय कुमार हिंदी365
प्रश्न : क्या अक्षय ओडिशा पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में पहुंचेंगे ?
उत्तर : जी हैं इस प्रोग्राम में अक्षय कुमार और शाहरुख़ खान दोनों ही मौजूद रहेंगे। 

प्रश्न : तलातुम तलातुम गाना अक्षय कुमार की किस फिल्म का है ?
उत्तर : ये गाना अक्षय की 2004 में आयी फिल्म ऐतराज का है। इसमें प्रियंका चौपड़ा, करीना कपूर और अमरीश पुरी ने भी काम किया है। 

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प्रश्न :अक्षय कुमार का असली नाम क्या है ?
उत्तर : इनका असली और पूरा नाम राजीव हरी ओम भाटिया है। इनका जन्म 09 सितम्बर 1967 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था।

प्रश्न : अक्षय कुमार की पहली फिल्म कौन सी थी ?
उत्तर : अक्षय की सबसे पहली फिल्म 1987 में आयी महेश भट्ट की फिल्म आज है। लेकिन उनका रोल इसमें छोटा ही था। इनकी फिल्म बतौर लीड एक्टर देखा जाये तो 1991 में रिलीज हुई सौगंध फिल्म थी।

प्रश्न : अक्षय कुमार की पत्नी का नाम क्या है ?
उत्तर : ट्विंकल खन्ना अक्षय की वाईफ हैं। वो भी फिल्म इंडस्ट्री से जुडी हुई हैं और एक लेखिका भी हैं।

प्रश्न : क्या अक्षय कुमार के पास दोहरी नागरिकता है ?
उत्तर : हाँ अक्षय के पास भारत का पासपोर्ट है और उनके पास कनाडा की नागरिकता भी है। अक्षय को उनके फिल्मो में योगदान को देखते हुए कनाडा सरकार ने उन्हें ये नागरिकता दी थी जो अक्षय ने स्वीकार की। हालाँकि ये भारत के कानून के मुताबिक सही नहीं है। भारत किसी भी व्यक्ति को दोहरी नागरिकता को मान नहीं देता लेकिन ठीक है जब तक आप देशहित में ठीक ठाक चल रहे हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। 
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अजय देवगन से जुड़े कुछ प्रश्न

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अजय देवगन से जुड़े कुछ प्रश्न

प्रश्न : क्या अजय देवगन की फिल्म दिलवाले के लिए उस समय कोई अवॉर्ड नहीं मिला ?
उत्तर : नहीं इस फिल्म को कोई अवॉर्ड नहीं मिला उस समय। सुनील शेट्टी का 1995  में 40 वे फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नॉमिनेशन जरूर हुआ था लेकिन ये अवॉर्ड उन्हें नहीं मिल पाया। ये अवॉर्ड भी उस समय जैकी श्रॉफ ने जीत लिया था फिल्म 1942 - अ लव स्टोरी 

प्रश्न : कौन सी फिल्म में अजय देवगन का नाम विजय सालगाओंकर था ?
उत्तर : दृश्यम फिल्म (2015)

प्रश्न : रब्बा इश्क ना होवे अजय देवगन की किस फिल्म का गाना है ?
उत्तर : ये अजय देवगन की फिल्म का नहीं बल्कि अक्षय कुमार की फिल्म अंदाज का गाना है। 

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प्रश्न : फिल्म फूल और कांटे में अजय देवगन और अमरीश पूरी का क्या रिश्ता होता है ?
उत्तर : फूल और कांटे से अजय देवगन की बॉलीवुड में एंट्री हुई थी। इस फिल्म में अमरीशपुरी ने एक अंडरवर्ल्ड डॉन का किरदार निभाया है जिसका नाम नागेश्वर होता है। अजय नागेश्वर का इकलौता बेटा होता है इस फिल्म में। 

प्रश्न : अजय देवगन की पत्नी का नाम क्या है ?
उत्तर : काजोल देवगन। अजय ने सहअभिनेत्री काजोल मुखर्जी से 1991 में शादी की। 

ajay devgan kajol Hindi365
अजय देवगन अपनी पत्नी काजोल के साथ 
प्रश्न : अजय देवगन और अमरीश पुरी की फिल्मो के नाम क्या हैं ?
उत्तर :  1991 फूल और कांटे 
1993 संग्राम 
1993 दिव्या शक्ति 
1995 हक़ीक़त 
1995 गुंडाराज
1995 हलचल 
1996 में दिलजले
1996 जान 
1997 इतिहास 
1999 तक्षक
1999 गैर  
2004 टार्जन द वंडर कार 
इत्यादि कई फिल्म अजय और अमरीश पुरी साहब ने साथ की। 
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ऐश्वर्या राय बच्चन से जुडी जानकारी

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ऐश्वर्या राय बच्चन से जुडी जानकारी


प्रश्न : ऐश्वर्या राय के घर का पता क्या है ?
उत्तर : ऐश्वर्या राय बच्चन अपने पति अभिषेक बच्चन के साथ मुंबई में जलसा नामक घर में रहती हैं। जलसा मुंबई के जुहू बीच इलाके में स्थित है। इसका पता है : वैकुंठलाल मेहता रोड, शिवकुंज, जेवीपीडी स्कीम, जुहू मुंबई - 49. 
Aishwarya Rai Hindi 365
ऐश्वर्या के घर का एक कक्ष
प्रश्न : ऐश्वर्या राय की आंख किसने खरीदी हैं ?
उत्तर : उनकी आँख बेहद ही खूबसूरत है। उनकी आँखों को किसी ने ख़रीदा नहीं है बल्कि उन्होंने मृत्योपरांत उन्हें दान करने की घोषणा की है। आई बैंक एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया नामक एक संस्था है। ऐश्वर्या इस संस्था के लिए लोगों को अपनी आँख दान करने के लिए अपील करती हैं और उन्होंने इसी संस्था को अपनी आँख मृत्यु के पश्चात दान देने की घोषणा की है। 

प्रश्न सुनील शेट्टी और ऐश्वर्या राय की ऐसी कौन सी फिल्म है जो अभी तक रिलीज़ नहीं हुई है ?
उत्तर : अनीस बाज्मी के डायरेक्शन में 1997 में 70 प्रतिशत शूट हो चुकी फिल्म राधेश्याम सीताराम अभी तक रिलीज़ नहीं हो पायी है। कारण तो नहीं पता लेकिन 70 प्रतिशत बनी हुई फिल्म को कोई क्यूँ लटका के रखेगा ये सोचने वाली बात है। आपको पता है तो कमेंट करें। ये फिल्म एक हॉलीवुड फिल्म कॉमेडी ऑफ़ एरर्स का रीमेक बताई जाती है और इसमें सुनील और ऐश दोनों का ही डबल रोल था। लेकिन फिल्म अभी तक 20 साल बाद भी रिलीज़ नहीं हुई है। 
Aishwarya Rai Camera Hindi 365
ऐश्वर्या राय कैमरा के साथ
प्रश्न :राज कुमार राव ने ऐश्वर्या बच्चन को किडनैप क्यों किया ?
उत्तर : ये फिल्म फन्ने खां की स्क्रिप्ट के अनुसार हुआ। ये क्यों हुआ ये फिल्म देखकर ही पता चलेगा।
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गुरुवार, 29 नवंबर 2018

आइफा अवॉर्ड्स 2018 के बारे में जानकारी

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आइफा अवॉर्ड्स 2018 के बारे में जानकारी

22 जून 2018 से 24 जून 2018 को थाईलैंड में 19वे आइफा अवॉर्ड्स आयोजित किये गए। अवॉर्ड्स को होस्ट करन जौहर और रितेश देशमुख ने किया। ये अवॉर्ड्स बैंकाक के सयाम निरामित जगह पर आयोजित किये गए थे थाईलैंड में। 
iifa awards 2018 Hindi 365
आइफा अवॉर्ड्स 2018 में खींची गयी तस्वीर 

विजेताओं की सूचि नीचे दी गयी :
बेस्ट फिल्म - तुम्हारी सुल्लू 
बेस्ट डायरेक्टर - साकेत चौधरी (हिंदी मीडियम)
बेस्ट एक्टर (लीड ) - इरफ़ान खान (हिंदी मीडियम)
बेस्ट एक्ट्रेस (लीड ) - श्रीदेवी (मॉम )
बेस्ट एक्टर (सपोर्टिंग रोल) - नवाजुद्दीन सिद्दीकी (मॉम )
बेस्ट एक्ट्रेस (सपोर्टिंग रोल ) - मेहर विज (सीक्रेट सुपरस्टार)
बेस्ट स्टोरी - अमित मसूरकर (न्यूटन)
बेस्ट स्क्रीनप्ले - नितेश तिवारी (बरेली की बर्फी )
बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर - कोनकना सेन शर्मा (अ डेथ इन द गूंज)

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बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर - अमाल मलिक, तनिष्क बागची, अखिल सचदेवा (बद्रीनाथ की दुल्हनियां)
बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर - प्रीतम (जग्गा जासूस)
बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर - अरिजीत सिंह (हवाएं - जब हैरी मेट सेजल)
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर - मेघना मिश्रा (मैं कौन हूँ - सीक्रेट सुपरस्टार)
बेस्ट लिरिक्स - मनोज मुन्तशिर (मेरे रश्के कमल - बादशाहो )


  • IIFA : इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकादमी अवॉर्ड्स इन्हे बॉलीवुड का ऑस्कर कहा जाता है।  ये अवॉर्ड्स 2000 से शुरू हुए थे। 
  • आइफा वुमन ऑफ़ द ईयर 2018 इस बार श्रीदेवी को दिया गया है उनकी मॉम फिल्म के लिए।
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एशिया कप के विजेताओं की सूचि

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एशिया कप के विजेताओं की सूचि

आज के आर्टिकल में हमने अभी तक हुए क्रिकेट टूर्नामेंट एशिया कप के विजेताओं की सूचि तैयार की है। भारत अब तक 7 बार एशिया कप जीत चूका है दूसरे नंबर पर श्री लंका है। 
language map - Hindi 365
देखिये एशिया की किस जगह कौनसी भाषा ज्यादा बोली जाती है ?

एशिया कप 1984
विजेता टीम : भारत 
फर्स्ट रनर अप : श्रीलंका 
मेजवान देश : यूनाइटेड अरब अमीरात 

एशिया कप 1986 
विजेता टीम :  श्रीलंका 
फर्स्ट रनर अप : पाकिस्तान 
मेजवान देश : श्रीलंका 

एशिया कप 1988 
विजेता टीम :  भारत 
फर्स्ट रनर अप : श्री लंका 
मेजवान देश : बांग्लादेश 

एशिया कप 1990 - 91 
विजेता टीम :  भारत 
फर्स्ट रनर अप : श्री लंका 
मेजवान देश : भारत 

एशिया कप 1995 
विजेता टीम :  भारत 
फर्स्ट रनर अप : श्री लंका 
मेजवान देश : यूनाइटेड अरब अमीरात

एशिया कप 1997 
विजेता टीम :  श्री लंका 
फर्स्ट रनर अप : भारत 
मेजवान देश : श्री लंका 
मैच फॉर्मेट : ODI 

एशिया कप 2000 
विजेता टीम :  पाकिस्तान 
फर्स्ट रनर अप : श्री लंका 
मेजवान देश : बांग्लादेश
मैच फॉर्मेट : ODI 

एशिया कप 2004 
विजेता टीम :  श्री लंका 
फर्स्ट रनर अप : भारत 
मेजवान देश: श्री लंका 
मैच फॉर्मेट : ODI 

एशिया कप 2008 
विजेता टीम :  श्री लंका 
फर्स्ट रनर अप : भारत 
मेजवान देश: पाकिस्तान 
मैच फॉर्मेट : ODI 

एशिया कप 2010 
विजेता टीम :  भारत 
फर्स्ट रनर अप : श्री लंका 
मेजवान देश : श्री लंका 
मैच फॉर्मेट : ODI 

एशिया कप 2012 
विजेता टीम :  पाकिस्तान 
फर्स्ट रनर अप : बांग्लादेश 
मेजवान देश : बांग्लादेश 
मैच फॉर्मेट : ODI 

एशिया कप 2014 
विजेता टीम :  श्री लंका 
फर्स्ट रनर अप : पाकिस्तान 
मेजवान देश : बांग्लादेश 
मैच फॉर्मेट : ODI 

एशिया कप 2016 
विजेता टीम :  भारत 
फर्स्ट रनर अप : बांग्लादेश 
मेजवान देश: बांग्लादेश 
मैच फॉर्मेट : T20

एशिया कप 2018 
विजेता टीम :  भारत 
फर्स्ट रनर अप : बांग्लादेश 
मेजवान देश: यूनाइटेड अरब अमीरात 
मैच फॉर्मेट : ODI

एशिया कप से जुड़े कुछ प्रश्न ?
प्रश्न : एशिया कप के मैच कितने ओवर के होते हैं ?
उत्तर : एशिया कप में मैच 2 फॉर्मेट में होते हैं - ODI यानि एक दिवसीय मैच (50 ओवर ) और T20  यानि ट्वेंटी20(20 ओवर)  .


प्रश्न : सचिन तेंदुलकर ने एशिया कप में कितने मैच खेले हैं ?
उत्तर : सचिन तेंदुलकर ने 1990 से लेकर 2012 तक एशिया कप में 23 मैच खेले हैं। उन्होंने एशिया कप में कुल 971 रन बनाये हैं। 
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एशिया कप से जुड़े कुछ प्रश्न

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एशिया कप से जुड़े कुछ प्रश्न

एशिया कप क्रिकेट में होने वाला एक टूर्नामेंट है इसकी शुरुआत 1983 में हुई। आज हम एशिया कप से जुड़े आपके प्रश्नो का जवाब देंगे। 
प्रश्न : 2017 T20 एशिया कप की विजेता टीम कौन सी है ?
उत्तर : 2017 में एशिया कप के अंतर्गत T20 टूर्नामेंट आयोजित ही नहीं हुआ। एशिया कप में अभी तक पहला T20 क्रिकेट टूर्नामेंट फरबरी -मार्च 2016 में आयोजित हुए। ये मैच बांग्लादेश में आयोजित हुए थे। इनकी विजेता टीम भारत थी उन्होंने बांग्लादेश को हराकर ट्रॉफी जीती। 

प्रश्न : 2018 में हुए एक दिवसीय क्रिकेट एशिया कप टूर्नामेंट की विजेता टीम कौन सी है ?
उत्तर : भारत। ये मैच दुबई में आयोजित हुए थे। इंडिया ने 3 विकेट से बांग्लादेश को हरा दिया था फाइनल मैच में। इंडिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 223 रन बनाये थे। लेकिन बांग्लादेश असमर्थ रहा और भारत ने एशिया कप 2018 की एक दिवसीय मैच की ट्रॉफी झटक ली। 

भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप 2018
भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप 2018 की ट्रॉफी उठाते हुए। 
प्रश्न : एशिया कप में अभी तक सबसे ज्यादा कुल रन किसने बनाये हैं ?
उत्तर : सबसे ज्यादा रन श्री लंका के खिलाडी सनथ जयसूर्या ने बनाये हैं उन्होंने खेले 25 मैचों में कुल 1220 रन बनाये। ये मैच उन्होंने 1990 - 2008 के बीच खेले। 
दूसरे नंबर पर श्रीलंका के कुमार संगकारा हैं 26 मैच में कुल 1075 रन के साथ.

प्रश्न : एशिया कप 2018 में जीतने वाली टीम को कितना प्राइज मिलता है ?
उत्तर : विजेता टीम भारत  को ट्रॉफी के साथ एक लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया गया था तथा दो नंबर पर आने वाली टीमबांग्लादेश को 50 हजार अमेरिकी डॉलर दिए गए  बाकि प्लेयर्स को अलग भी इनाम दिया जाता है जैसे शिखर धवन को मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट बनने के लिए अलग से 15000 अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया गया था। रोहित शर्मा को सबसे अधिक छक्के लगाने के लिए अलग से 5000 डॉलर का इनाम दिया गया था। 

प्रश्न : एशिया कप एक दिवसीय मैच ODI होता है या T20 ?
उत्तर : दोनों। ये टूर्नामेंट दोनों फॉर्मेट में आयोजित होता हैं। 

प्रश्न: अभी तक एशिया कप सबसे ज्यादा किस टीम ने जीता ?
उत्तर : भारत (7 बार ) 6 बार एक दिवसीय मैच और 1 बार T20 फॉर्मेट मैच। 

प्रश्न : हाल में हुए एशिया कप 2018 में कितने देशो ने हिस्सा लिया ?
उत्तर : 6 देश - अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका व हांगकांग 

प्रश्न : भारत बनाम हांगकांग एशिया कप 2018 क्रिकेट मैच किस टीम ने जीता ?
उत्तर : भारत ने 26 रन से। भारत ने 285 रन बनाये थे 07 विकेट के नुकसान पर।

प्रश्न : एशिया कप 2018 में सुरेश रैना खेले या नहीं ?
उत्तर : नहीं। 
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बुधवार, 28 नवंबर 2018

सिनेमा से जुड़े कुछ मिले झुले प्रशोत्तर

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सिनेमा से जुड़े कुछ मिले झुले प्रशोत्तर

प्रश्न : अपना भी नसीबा क्या खूब मिला है - गाने में किस एक्ट्रेस ने काम किया है ?
उत्तर : ये गाना 1999 में आयी फिल्म होगी प्यार की जीत का है। इस गाने में जिस एक्ट्रेस को दिखाया गया है वो शबाना रजा(नेहा) हैं अब इन्होने नाम बदलकर नेहा बाजपेयी कर लिया है। ये एक्टर मनोज बाजपेयी की पत्नी हैं। इनके साथ इस गाने में अजय देवगन ने नृत्य किया है। 

नेहा बाजपेयी - Hindi 365
नेहा बाजपेयी - Hindi 365

प्रश्न :  गुरु रंधावा के इशारे तेरे गाने में किस एक्टर -एक्ट्रेस ने डांस किया है ?
उत्तर : इस गाने को खुद गुरु रंधावा और उनकी सह गायिका ध्वनि भानुशाली पर फिल्माया गया है। यही दोनों ने ये गया भी है। आजकल जिस तरह एक्टर अपने गाने खुद गा लेते हैं उसी तरह गायक अपने गानो में खुद से एक्ट करने लगे हैं। 

प्रश्न :अँखियों के झरोखे से गाने में कौन एक्ट्रेस है ?
उत्तर : 1978 में राजश्री प्रोडक्शन की एक फिल्म आयी थी जिसका नाम अँखियों के झरोखें से ही था। इस गाने में हीरो सचिन पिलगाओंकर को लिया गया है और रंजीता कौर एक्ट्रेस है 
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अंतरिक्ष के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

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अंतरिक्ष के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

प्रश्न :सबसे पहले अंतिरक्ष पहुँचने वाले यात्री किस देश के थे ?
उत्तर : 12 अप्रैल 1961 को रूस के यूरी गागरिन अंतरिक्ष में पहुंचने वाले प्रथम व्यक्ति बन गए थे। यह पहली मानव फ्लाइट थी अंतरिक्ष के लिए। 

यूरी गागरिन रूसी कॉस्मोनॉट - हिंदी 365
यूरी गागरिन रूसी कॉस्मोनॉट - हिंदी 365
इससे पहले 03 नवम्बर 1957 को रूस लाइका नामक कुत्ते को अंतरिक्ष में पहुंचा चुका था। ये फ्लाइट जिस पर इस कुत्ते को ले जाया गया था वो स्पुटनिक 2 नामक सैटेलाइट को ऑर्बिट में छोड़ने गयी थी। ऐसा बताया जाता है कि कुत्ते की मौत हो गयी थी इस यात्रा पर क्योंकि जिस केबिन में उसे रखा गया था वह चौथे ऑर्बिट तक पहुँचते पहुँचते काफी गरम हो गया था और कुत्ता इसको सह नहीं पाया था। वैसे भी उस सैटेलाइट का लांच व्हीकल पृथ्वी पर दुबारा सुरक्षित पहुंचने के लिए नहीं बनाया गया था।

प्रश्न : अंतरिक्ष यात्री के कपडे किसके बने होते हैं ?
उत्तर : अंतरिक्ष यात्री जो कपडे पहनते हैं वो सिर्फ कपडे नहीं बल्कि स्पेससूट होता है। स्पेस सूट अपने आप में एक सिंगल यात्री को छोटे स्पेसक्राफ्ट का फील देता है। स्पेससूट को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि वह पहने हुए अंतरिक्ष यात्री को ठण्ड, विकीर्ण किरणों व अंतरिक्ष में पाए जाने वाली निम्न दाब से बचाता है। स्पेस सूट में साँस लेने के लिए ऑक्सीजन भी उपलब्ध रहती है। 
स्पेस स्टेशन में अंदर अंतरिक्ष यात्री नॉर्मल कॉटन के काफी सारे इनर कपडे लेकर प्रवेश करते हैं और पहनने के लिए कॉटन पेंट शर्ट लेकर जाते हैं। एक ही समस्या रहती हैं ऊपर कपडे धो नहीं सकते। इस्तेमाल करो और रख दो। 

प्रश्न : एक उपग्रह पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्री की भारहीनता की क्या स्थिति होती है ?
उत्तर : ये उपग्रह पर निर्भर करता है कि वहां का वातावरण कैसा है जैसे चन्द्रमा की बात करें जो कि पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। चन्द्रमा पर आपका वजन 16.5 किलोग्राम होगा यदि आपका भार पृथ्वी पर 100 किलोग्राम हैं यानि मात्र 16.5 प्रतिशत। ये गुरुत्व की वजह से होता है। 
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मंगलवार, 27 नवंबर 2018

मन की बात से जुड़े कुछ प्रश्न

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मन की बात से जुड़े कुछ प्रश्न

प्रश्न : मन की बात के कितने एपिसोड हो चुके हैं ?
उत्तर : 25 नवम्बर 2018 को प्रधानमंत्री के मन की बात देश के नाम सम्बोधन के 50 एपिसोड पूरे हो चुके हैं। 

प्रश्न : हाल ही में मन की बात रेडियो पर कब आया ?
उत्तर : 25 नवम्बर 2018 को 50वां एपिसोड 11 बजे शुरू हुआ। 

प्रश्न : मोबाइल पर फ्री मैं कहाँ देख सकते हैं ?
उत्तर : अगर आपके फ़ोन में इंटरनेट है तो इसे अनगिनत जगहों पर अपलोड किया जाता है। मन की बात की आधिकारिक वेबसाइट PMONRADIO.NIC.IN हैं। आप यहाँ पर भी देख सकते हैं। इसे नमो एप पर भी दिखाया जाता है। फेसबुक यूट्यूब पर देख सकते हैं। बस मन की बात लिख कर सर्च करो। 

प्रश्न : आधिकारिक रूप से मन की बात कौन कौन से चैनल पर दिखाया जाता है ?
उत्तर : इसे आधिकारिक रूप से आल इंडिया रेडियो, डीडी नेशनल और डीडी न्यूज़ पर दिखाया जाता है लेकिन सभी न्यूज़ चैनल इनसे राइट्स लेकर अपने न्यूज़ चैनल पर भी ये दिखाते हैं। 

मन की बात - Hindi 365
मन की बात - Hindi 365
प्रश्न : किस बाहरी देश के राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी के साथ मन की बात का मंच साझा किया है ?
उत्तर : 27 जनवरी 2015 में आये मन की बात के स्पेशल एपिसोड में भारत आये हुए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मन की बात चर्चा में हिस्सा लिया और अपने विचार देश के साथ साझा किये। ये पहले बाहरी इस कद के व्यक्ति हैं जिन्होंने मन की बात में हिस्सा लिया। दरअसल ओबामा गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत आये हुए थे। तो मोदी जी ने उन्हें भी मन की बात में आमंत्रित कर लिया फिर दोनों ने बैठकर देशवासियों के साथ विचार साझे किये। 
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कल्पना चावला के बारे में जानकारी

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कल्पना चावला के बारे में जानकारी

आज हर कोई मां बाप अपनी बेटी को कल्पना चावला की मिशाल देते हैं। कल्पना चावला का नाम सबने ही सुना होगा। ये भारत के राज्य हरियाणा की बेटी सिर्फ 40 साल के जीवन में अपना नाम विश्व में अमर कर गयी। आज आपको कल्पना चावला के बारे में विस्तार से बताने की कोशिश करेगी Hindi 365

कल्पना चावला कोलंबिया स्पेस शटल में बैठी हुए। हिंदी 365
कल्पना चावला कोलंबिया स्पेस शटल में बैठी हुए। हिंदी 365
कल्पना चावला एक अमेरिकन अंतरिक्ष यात्री थीं। और 17 नवम्बर 1997 को  वह पहली भारतीय महिला थीं जो अंतरिक्ष पहुंची। आपको बता दूँ वो एक बार नहीं बल्कि 2 बार अंतरिक्ष में गयी थी एक बार 1997 में और फिर दूसरी बार 2003 में। उनका नाम कल्पना चावला था लेकिन अमेरिका में अधिकतर लोग उन्हें केसी कहकर बुलाते थे।

कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल जगह में हुआ था। उनका औपचारिक जन्म तिथि बदल कर 01 जुलाई 1961 करना पड़ा क्योंकि वो दसवीं के पेपर नहीं दे पा रही थी। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चडीगढ़ से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की उसके बाद 1982 में वो अमेरिका चली गयी जन्म के कुछ 20 साल बाद। वहां पर उन्होंने 1984 में टेक्सास विश्वविद्यालय से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर लिया। और उन्होंने उसके बाद 1988 में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कोलराडो यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट कर ली।
कल्पना चावला ने 1983 में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और हवाई लेखक जीन पिएरे हैरिसन से लव मैरिज कर ली। हैरिसन से वो अमेरिका पहुँचने एक अगले दिन अर्लिंग्टन में ही मिली थी। 
1991 में उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिल गयी। उसके बाद केसी ने नासा एस्ट्रोनॉट कॉर्प्स के लिए अप्लाई कर दिया। इससे ही एस्ट्रोनॉट सेलेक्ट करता है अमेरिकी संसथान नासा।मार्च 1995 में उनकी जोइनिंग हो गयी और 1996 में उनकी पहली फ्लाइट हुई। 
उसके बाद 1997 में वो पहली बार स्पेस शटल कोलंबिया से अंतरिक्ष में गयी। उनका काम था रोबोटिक आर्म को चलाना और उसको मॉनिटर करना। ये सब कम्प्यूटर के माध्यम से ऑपरेट होता था। एस्ट्रोनॉट बनने से पहले कल्पना छोटे छोटे शटल पर इस तरह के शोध कर रही थी नासा के एक दूसरे विभाग में।जब वो पहली बार स्पेस में गयीं तो करीब 15 दिन 12 घंटे अंतरिक्ष मैँ रहीं। 

उसके बाद 2003 में वो फिर से कोलम्बिआ शटल के 7 लोगों के क्रू में चुनी गयी। 16 जनवरी 2003 को वो फिर से स्पेस शटल कोलंबिया(STS-107) से अंतरिक्ष में दाखिल हुई। शटल में कुछ तकनीकी खराबी आ गयी। तो उनके शोध ट्रिप को छोटा कर दिया गया ये 28 वां कोलंबिया शटल अभियान था। 01 फरबरी 2003 को 15 दिन 2 घंटे और 54 मिनट अंतरिक्ष में बिताने के बाद जब कोलंबिया शटल घर पहुँचने वाला ही था। उस तकनीकी खराबी के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में घुसने के बाद शटल ने आग पकड़ ली। और 7 के 7 क्रू हमेशा के लिए हमसे दूर चले गए. पूरे विश्व के लिए बहुत ही बेकार दिन था ये। 
kalpana chawla easy sketch - Hindi365
कल्पना चावला स्केच 
कल्पना चावला से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न :

प्रश्न : नासा ने एसजीआई अलटिक्स 3000 अपने सुपरकम्प्यूटर को किस एस्ट्रोनॉट का नाम दिया था ?
उत्तर : कल्पना का स्पेस में योगदान देखते हुए और कल्पना का कम्प्यूटरों में इंटरेस्ट को देखते हुए नासा ने 2004 में लगने वाले नासा एमेस रिसर्च सेंटर में लगने वाले सुपर कंप्यूटर को कल्पना चावला केसी नाम दिया। 

प्रश्न : कल्पना चावला की शादी किससे हुई थी ?
उत्तर : जेपी हैरिसन से। 

प्रश्न : क्या कल्पना चावला ने शटल से 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ता हमारा' गया था ?
उत्तर : भारतीय होने के नाते वो ऐसा सोचती तो जरूर होंगी लेकिन ये उन्होंने नहीं गाया था बल्कि जब इंदिरा गाँधी और राकेश शर्मा की बातचीत हुई थीं तो राकेश शर्मा को जब इंदिरा गाँधी ने पूछा था कि स्पेस से भारत कैसा दिखता है तो राकेश शर्मा ने बताया था - 'मैं बगैर किस झिझक के कह सकता हूँ सारे जहां से अच्छा'
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सोमवार, 26 नवंबर 2018

क्या थाने की पुलिस चालान काट सकती है या नहीं ?

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क्या थाने की पुलिस चालान काट सकती है या नहीं ?

आज के भ्रस्टाचार भरे समय में कानून की थोड़ी बहुत समझ हर किसी को होनी चाहिए। क़ानूनी बातें संग्रह ऐसी की कुछ बातों का संग्रह है जहाँ पर हमने कानूनी बातों को थोड़ा स्पष्ट करके लिखा है। कोशिश यही है कि अगर आप जागरूक होंगे तो आप पुलिस से अच्छे से पेश आएंगे और पुलिस भी आपसे अच्छे से पेश आएगी।

पुलिस कार ड्राइवर पर कार्यवाई करती हुई। 
हमारे एक पाठक ने हमसे ये सवाल पूछा है कि सामान्य खाकी वर्दी वाली पुलिस चालान काट सकती है या नहीं उनका मानना है कि चालान काटने के लिए तो ट्रैफिक पुलिस बनायीं है जो सफ़ेद यूनिफार्म पहनती है। तो मैं उनको ये बताना चाहता हूँ कि वाकई ट्रैफिक पुलिस का काम चालान काटना है। मोटर व्हीकल एक्ट को ढंग से लागू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस का गठन किया जाता है।
लेकिन आप को ये जरूर समझ लेना चाहिए कि खाकी वर्दी और सफ़ेद वर्दी में रहते दोनों पुलिस वाले ही हैं। और अगर आपको पुलिस के रैंक की जानकारी होगी तो रैंक भी समान ही रहते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि जिम्मेदारियों को बाटने के लिए दो विभाग बना दिए गए है। लेकिन ये दोनों विभाग सहायक विभाग होते हैं. जरुरत पड़ने पर एक दूसरे की मदद कर सकते हैं। 

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अब आपके प्रश्न का उत्तर ये है कि कोई भी पुलिस वाला चाहे वो खाकी ही क्यों न पहना हो चालान काट सकता है। क्यूंकि यदि आप तेज गाड़ी चला रहे हैं तो उसे आपको रोकने का अधिकार है इससे पहले कि आप किसी को ऊपर पहुंचा दें। रेड अलर्ट जारी होने पर भी वो आपके कार की चेकिंग कर सकते हैं और शक होने पर आपको रोक भी सकते हैं। लेकिन घबराये नहीं। इससे ज्यादा वो अगर आप सही हैं तो कुछ नहीं करेंगे। 
इस बात को आप ऐसे समझ लीजिये यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को ट्रैफिक पुलिस के सामने यदि गोली मार रहा है तो ट्रैफिक पुलिस को ये रोकना चाहिए या नहीं। ट्रैफिक पुलिस बोल सकती है कि ये तो दूसरी पुलिस का काम हैं लेकिन ऐसा नहीं है ट्रैफिक पुलिस भी उस समय उस व्यक्ति की मदद करेगी और गोली चलाने वाले व्यक्ति पर काबू पाने की कोशिश करेगी। आशा है आप समझ गए होंगे कि दोनों पुलिस वक्त आने पर अन्य का काम कर सकते हैं।
कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करो 
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कैसे पहुँचते हैं अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन?

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कैसे पहुँचते हैं अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन?

लोग हवाई जहाज में उड़ने के ख्वाब देखते रहते हैं। स्पेसक्राफ्ट में घूमना तो बहुत बड़ी बात है लेकिन कोई बात इतनी भी बड़ी नहीं होती। क्या पता कभी कोई इस पोस्ट को पढ़ने वाला ही अंतरिक्ष में चला जाये। कोई नहीं जानता कल क्या होगा? आज में आपको बताऊंगा कि एस्ट्रोनॉट पृथ्वी से अंतरिक्ष में हमारे स्पेस स्टेशन पहुंचते कैसे हैं ?
सोयुज यान में अंतरिक्ष यात्री - हिंदी 365
सोयुज यान में अंतरिक्ष यात्री - हिंदी 365 
दरअसल अंतरिक्ष में जो स्पेस स्टेशन है उस पर हर समय 3 -  6 लोग रहते हैं। ये लोग हर छह महीने बदलते रहते हैं। हर तीन महीने पर पृथ्वी से एक सोयुज यान छोड़ा जाता है अंतरिक्ष के लिए। इस सोयुज कैप्सूल में बैठकर नए लोग पृथ्वी से स्पेस स्टेशन पहुँचते हैं। 
ये सोयुज रूस के कजाखस्तान से प्रक्षेपित किये जाते हैं। सोयुज में एस्ट्रोनॉट के अलावा खाने की सप्लाई और स्टेशन की जरुरत वाली वस्तुएं भी भेजी जाती हैं। अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप सभी के अंतरिक्ष यात्री इस रुसी यान सोयूज़ से ही अंतरिक्ष में पहुँचते हैं। ये अब लगभग 6 घंटे में अंतरिक्ष यात्री को पृथ्वी से स्पेस स्टेशन पर पहुंचा देता है। 
हर एक क्रू मेंबर 6 महीने तक स्टेशन पर रहकर आता है। हर तीन महीने पर तीन नए सदस्यपृथ्वी से स्टेशन और तीन पुराने सदस्य  स्टेशन से पृथ्वी आ जाते है।  बाकी तीन पुराने सदस्य नए सदस्यों को वहां चल रहा सारा काम समझाकर और पूरा हैंडओवर करके अगले त्रि मासिक सोयुज  ट्रिप से नीचे आ जाते हैं। 
इस तरह हर समय कम से कम तीन अथवा 6 लोग स्टेशन पर बने रहते हैं। और ये कार्यक्रम जारी रहता है। 

अब आपको प्रश्न आया होगा कि लोग वापस कैसे आते हैं ?
लोग वापस भी सोयुज में बैठकर ही पृथ्वी पर पहुंचते हैं। सोयूज़ विमान को इसि काम के लिए स्पेशली रखा गया है। पृथ्वी से स्पेस और स्पेस से पृथ्वी। और हाँ हर बार नया सोयुज ही पृथ्वी से स्पेस जाता है। इसका पून: इस्तेमाल नहीं किया जाता। 
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रविवार, 25 नवंबर 2018

अगर ये भी फेल होकर आज इतने ऊँचे पद पर हैं तो आप भी हो सकते हैं

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अगर ये भी फेल होकर आज इतने ऊँचे पद पर हैं तो आप भी हो सकते हैं 

आज हम आपको बताएँगे कि किस तरह विश्व विख्यात लोग जैसे अमिताभ बच्चन, लीओन मैसी, टोनी ब्लेयर, अब्दुल कलाम, थॉमस अल्वा एडिशन इत्यादि लोगो को भी काफी संघर्ष करना पड़ा उसके बाद भी वो अपनी मंजिलों पर पहुंचे क्योंकि उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि चलते गए। इनकी प्रेरणा दायी बातों के बारे में जानेंगे आज। 
मोटिवेशन (प्रेरणा) - Hindi 365
मोटिवेशन (प्रेरणा) - Hindi 365
  • अमिताभ बच्चन ऑल इंडिया रेडियो में इंटरव्यू देने गए थे लेकिन उनकी आवाज भारी है ये कहकर उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था। 
  • सचिन तेंदुलकर आठवीं कक्षा में फेल हो गए थे। 
  • अब्दुल कलाम पायलट के इंटरव्यू में फेल हो गए थे। 
  • बिल गेट्स अपनी यूनिवर्सिटी पढाई पूरी नहीं कर पाए थे। उन्हें ड्राप करना पड़ा 
  • धीरूभाई अंबानी पेट्रोल पंप पर काम करते थे। 
  • माइकल जॉर्डन को स्कूल की बास्केटबॉल टीम से निकाल दिया गया था। 
  • स्टीव जॉब्स अपने दोस्तों के रूम में फर्श पर सोया करते थे। और कई बार लोकल टेम्पल में जाकर फ्री खाना ख़ाते थे। 
  • लीओन मैसी अपनी फुटबॉल ट्रेनिंग की फीस भरने के लिए एक दुकान पर चाय सर्व करते थे। 
  • टोनी ब्लेयर को उनके टीचर फैलियर कह कर बुलाते थे। 
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को उनके टीचर मानसिक रूप से विकलांग मानते थे क्यूंकि 4 साल तक वो बोल ही नहीं पाते थे उन्होंने 07 साल का होने पर पढ़ना सीखा। 
  • हैरी पॉटर नॉवेल की लेखिका जे के रोलिंग को 12 बार पब्लिशर्स ने रिजेक्ट कर दिया था। 
  • सिल्वेस्टर स्टैलोन को करीब 1500 बार रिजेक्ट किया गया जब वो अपनी मशहूर रॉकी फिल्म की स्क्रिप्ट और खुद को उसके लिए बेचने का प्रयास कर रहे थे। 
  • एक सही बल्ब बनाने से पहले थॉमस अल्वा एडिशन 10000 ऐसे तरीके पता कर चुके थे जिनसे सही बल्ब नहीं बनेगा। 
  • विंस्टन चर्चिल जो क़ी 62 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने वह छठी क्लास में फेल हो गए थे। उसके बार काफी बार राजनीतिक हार देखी लेकिन रुके नहीं और अंत में प्रधानमंत्री बने।
इन सब लोगो में एक कई चीजे कॉमन हैं : कोई असफलता से रुका नहीं। आज सभी मशहूर हैं। शायद यदि इन्हे पहले ही सफलता मिल जाती तो इतने बड़े नहीं बन पाते। तो ये बात सच है जो होता है अच्छे के लिए ही होता है। इसलिए फेल होने से घबराओ मत लड़ो और आगे बढ़ो। ये सिर्फ कुछ उदाहरण हैं। हो सकता है कल आपका भी कोई उदाहरण दे। वक्त बदलने में समय नहीं लगता। रुको मत सिर्फ अच्छी नीयत के साथ बढ़ते रहो। अच्छा लगा हो तो शेयर करना न भूलें। 
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कुछ सवाल और उनके जवाब

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कुछ सवाल और उनके जवाब

भारत के सभी निवासी नरेंद्र मोदी जी के बारे में जानने के काफी उत्सुक रहते है। इसलिए हमने हिंदी365 पर इसके लिए एक आर्टिकल लिखने का सोचा ताकि आप लोगों के कुछ प्रश्नो का जवाब दे सके।

भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी Hindi 365
भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी Hindi 365

प्रश्न : मोदी वर्ष 2018 में भोपाल में कब आये ?
उत्तर : 25 सितम्बर 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल पहुंचकर कार्यकर्ता महाकुम्भ रैली को सम्बोधित किया। दरअसल मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इस साल के अंत में इसलिए मध्य प्रदेश में काफी रैलियों का आयोजन हो रहा है। 25 सितम्बर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती होती है इसलिए उन्होंने रैली के सम्बोधन की शुरुआत उनका नाम लेकर ही की। 

प्रश्न :  2015 में नरेंद्र मोदी ने किस राज्य से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की घोषणा कर शुरुआत की ?
उत्तर : 22 जनवरी 2015 को इस स्कीम की शुरुआत हरियाणा राज्य के पानीपत शहर से घोषणा करके हुई। इस योजना का उद्देश्य लिंगानुपात को सही करना व लड़की से होने वाले भेदभाव को दूर कर के उन्हें सशक्त बनाना है। 

प्रश्न : नरेंद्र मोदी जी की मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कब रैली है ?
उतर : 18 नवम्बर 2018 को। 

प्रश्न : चैंपियन ऑफ़ अर्थ नामक अवॉर्ड नरेंद्र मोदी के अलावा और किसे मिला ?
उत्तर : 26 सितम्बर 2018  को यूनाइटेड नेशन यानि संयुक्त राष्ट्र ने इस अवॉर्ड के विजेताओं की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये अवॉर्ड जॉइंटली फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रॉन के साथ मिला है। यह पर्यावरण के क्षेत्र में उच्चतम अवॉर्ड है। नरेंद्र मोदी जी को सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए और पर्यावरण सम्बंधित बाहरी देशो से अच्छे सम्बन्ध बढ़ाने के लिए दिया गया है। मोदी जी ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं कि वह 2022 तक एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के इस्तेमाल को खत्म कर देंगे। 
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स्प्लिट्सविला 11 के वूट पर आये प्रोमो में कौन से गानों का इस्तेमाल किया गया ?

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स्प्लिट्सविला 11 के वूट पर आये प्रोमो में कौन से गानों का इस्तेमाल किया गया ?

तो आइए आपको बताते हैं स्प्लिट्सविला 11 से जुड़े प्रोमो के गानों के बारे में जो इस प्रोमो वीडियो में इस्तेमाल किये गए हैं। यह शो सनी लिओनी और रणविजय होस्ट कर रहे हैं। और इसमें विभिन्न स्टेट से आये हुए लड़के लड़किया हिस्सा लेंगे और अपने पार्टनर खोजने की कोशिश करेंगे। 

रण एवं सनी - हिंदी 365
रण एवं सनी - हिंदी 365 
इस शो का ये ग्यारहवां सीजन है इसमें निम्न गाने इस्तेमाल किये गए :
1 तुझको जो पाया,आहा तो जीना आया 
2. बेबी को बेस पसंद है 
3. जो मेरी मंजिलो को जाती है तेरे नाम की कोई सड़क है न 

तो ऊपर दिए गए ये तीन गाने प्रोमो वीडियो जो कि वूट एप पर रिलीज़ हुआ उसमे इस्तेमाल किये गए हैं। स्प्लिट्सविला 11 के किस्से सीरीज़ में इस तरह के आपके काफी प्रश्नो का उत्तर आप तक पहुँचाते रहेंगे।

एक नई चीज के बारे में भी रणविजय ने बताया जो स्प्लिट्सविला में पहली बार हो रही है और वह है - सीक्रेट सेशन विद ओरेकल। ओरेकल से अकेले में बात करने का कुछ प्रतिभागियों को मौका मिलेगा इसके तहत।  
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किस शैवाल का इस्तेमाल अंतरिक्ष यात्री खाने के रूप में करते हैं ?

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किस शैवाल का इस्तेमाल अंतरिक्ष यात्री खाने के रूप में करते हैं ?

आइये आज आपको बताता हूँ कि अंतरिक्ष में अपने स्पेस स्टेशन में बैठे हुए अंतरिक्ष यात्री किस तरह का खाना खाते हैं ? काफी रोचक जानकारी है ये घर से इतने दूर डेली फ्रेश खाना तो नहीं पहुँच सकता फिर क्या खाते हैं ये लोग ?
सुनीता विलियम्स Hindi365
सुनीता विलियम्स अपने सह अंतरिक्ष यात्री के मिखेल टूरियन के साथ कुछ पीती हुई। 
एस्ट्रोनॉट (अंतरिक्ष यात्री) हमारे जैसा नॉर्मल फ़ूड तो नहीं खाते हैं लेकिन बहुत अलग भी नहीं। एस्ट्रोनॉट सूखा और फ्रीज किया हुआ खाना खाते हैं।  और ऐसा खाना जो कि प्रिज़र्वड कंडीशन में होता है क्योंकि खाना प्रतिदिन पृथ्वी से स्पेस स्टेशन नहीं जाता। ये सिर्फ कुछ फालतू एडवर्टाइजमेन्ट में ही दिखाया जा सकता है :-p 

तो खाने के लिए वहां रेफ्रिजरेटेड फ्रूट्स रहते हैं। जूसेज रहते हैं और जो सूखी वस्तुएं रहती हैं उनमे पैकेट में ही पहले पानी डाल कर खाने योग्य बना लेते हैं। आज के समय में वहां पर ज्यादातर वैरायटी भरी वस्तुए उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है लेकिन ऐसी कोई वस्तु नहीं ले जाई जाती जिसका अवशेष ज्यादा निकले। या फिर वो एस्ट्रोनॉट को वहां की कंडीशंस में नुकसान पहुचाये। वहां पर सभी स्पेस फ्रेंडली पदार्थ ही ले जाये जाते हैं। 
खाने के पैक किए हुए पदार्थ में गरम पानी डालकर, गरमा गरम वस्तुओं का आनंद लिया जाता है। नमक और मिर्च भी पाउडर फॉर्म में नहीं ले जाते क्यूंकि किसी के आंख नांक में ये पदार्थ जा सकते खाने में मिलाते वक्त। और वहां पर सूखा नमक और मिर्च पाउडर अच्छी तरह से खाने में मिलेगा भी नहीं वह सिर्फ तैरता रहेगा। इसलिए नमक और मिर्च भी तरल अवस्था में ले जाते हैं।
खाने में शैवाल की बात करें तो ये अभी एक्सपेरिमेंटल है लेकिन इसका प्रयोग किया जा सकता है। स्प्रोलिना नामक शैवाल को अंतरिक्ष में इस्तेमाल किया जा चुका है। इनका सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि ये कार्बन डाई ऑक्साइड को सोख कर ऑक्सीजन बना देते हैं। यह एक्सपेरिमेंटल रहा है। इसे फ़ूड के तौर पर दिया जा सकता है।
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अंतरिक्ष यात्री को आकाश काला क्यों दिखाई देता है ?

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अंतरिक्ष यात्री को आकाश काला क्यों दिखाई देता है ?

यह प्रश्न कई बार सुनने में आता है इसलिए सोचा कि इस पर लिखूं और समझाऊं आप सभी को कि ऐसा क्यों व कैसे होता है ?
काला आसमान और अंतरिक्ष यात्री - Hindi365
काला आसमान और अंतरिक्ष यात्री - Hindi365
दरअसल आपको लगता होगा कि पृथ्वी पर तो आसमान का रंग नीला होता है लेकिन अंतरिक्ष यात्री को फिर आसमान काला क्यों दिखाई देता है? दरअसल मैं आपके भ्रम को थोड़ा सा दूर कर दूँ। ये जो आसमान का कलर आपको नीला दिखाई देता है वो दरअसल नीला नहीं बल्कि काला ही है। क्यूंकि अगर रंग नीला होता तो रात को आसमान काला दिखाई देता ही नहीं। शायद थोड़ा समझ आया होगा आपको। 
कोई बात नहीं पूरा समझा के ही छोड़ेंगे आपको आज। दरअसल ये दिन में जो आपको इस बादल क रंग नीला दिखाई देता है इसका कारण हैं सूर्य की रौशनी का पृथ्वी के उस हिस्से पर पड़ना। अब आपको समझ आएगा कि अगर इंडिया में किसी समय दिन है तो यहाँ पर आसमान नीला दिखाई देता है लेकिन उसी समय अगर आप अमेरिका में किसी जगह फोन करके पूछेंगे तो आपको पता चलेगा कि वहां पर आसमान काला ही दिख रहा है। तो जो चीज बदल रही है वह है सिर्फ सूरज से आती रौशनी। इसलिए पृथ्वी के जिस हिस्से पर रौशनी पड़ती है उस हिस्से पर आसमान नीला दिखाई पड़ता है और दूसरे हिस्से पर काला लेकिन उसका वास्तविक रंग काला ही है। 
दिन में क्यों दिखाई देता है आसमान नीला ?
क्योंकि पृथ्वी पर आने वाली सूर्य की रौशनी भरी किरणे पृथ्वी के ऊपर बनी पर्यावरण की परतो को पार करके नीचे पहुँचती हैं। प्रकाश की ये किरणे पर्यावरण के विभिन्न छोटे अणुओं से टकराकर बिखर जाती हैं और बिखरनी पर हमें नीला रंग इसलिए उस रौशनी का दिखता है क्योंकि नीले रंग की आवृति सबसे ज्यादा होती है। इसी वजह से जब सूर्यास्त या सूर्योदय के समय प्रकाश की रौशनी हमसे दूर जाने लगती है तो बड़ी तरंग धैर्य वाला कलर हमें नजर आने लगता है और आसमान हल्का लाल नजर आने लगता है। तो ये आसमान का रंग तो सिर्फ काला ही है लेकिन पृथ्वी का मौजूदा वातवरण और ये प्रकाश की उपस्थिति आसमान को नीला दिखाती है दिन में। 
अंतरिक्ष यहाँ से और ऊपर से बहुत कुछ अलग नजर नहीं आता। हमें भी रात को आसमान काला ही दिखाई देता है। 

अब जानते हैं इस विषय की मैन वजह। अंतरिक्ष यात्री को आसमान काला इसलिए दिखाई देता है क्योंकि वहां पर पृथ्वी जैसा कोई वातावरण नहीं है जो सूर्य या अन्य किसी तारे से आने वाली प्रकाश किरण को बिखेरे। प्रकाश के बिखरने से ही रंग पैदा होता है।  इसी वजह से यहाँ पर हर समय आसमान काला ही नजर आता है। अगर आपने चन्द्रमा के ऊपर खींची गयी फोटो कभी देखी होंगी तो आप उनमे पाएंगे की सभी फोटो में आसमान काला ही दिखाई दे रहा है। 

अब मुझे लगता है आपको सही से समझ आ गया होगा। शेयर जरूर करें ताकि यह अच्छी जानकारी सब तक पहुंचे। 
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स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर का क्या मतलब है?

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स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर का क्या मतलब है?

अगर आप व्हाट्सएप प्रो हैं तो शायद इन दोनों टर्म्स का मतलब शायद आपको पता होगा लेकिन अगर नहीं तो कोई बात नहीं। Hindi365 आपको आज बताएगी स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर क्या होता है ?

व्हाट्सएप स्टीकर पैक इमेज क्रेडिट : इंडियन एक्सप्रेस 
दरअसल एक दौर था जब एसएमएस का दौर था फिर व्हाट्सएप का दौर आया और एसएमएस में गिरावट आ गयी। समय के साथ साथ लोगों का एक्सप्रेस करने का तरीका बदलता रहता हैं। व्हाट्सएप में पहले इमोटिकॉन्स से ही काम चल जाता था। लोगों को बहुत सारे इमोटिकॉन्स का मतलब भी नहीं पता होता है लेकिन कई बार फिर भी लोग उनका अपनी भावना व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल होता है। 
इमोटिकॉन्स का फायदा क्या होता है ?
क्या कभी सोचा है लोग लिखने की बजाय इमोटिकॉन्स का इस्तेमाल क्यों करते हैं। वो इसलिए किया जाता है कि एक छोटा सा इमोटिकॉन काफी बड़ी बात कह देता है। काफी बड़ी बड़ी बातें बता देते हैं आपके इमोटिकॉन्स। 

इमोटिकॉन्स के बाद स्टीकर्स का जमाना आया और जरुरत उससे भी पूरी नहीं हो पायी तो उसके बाद आया है कस्टम स्टीकर्स जिससे ये दोनों टर्म्स स्टीकर पैक नेम और स्टीकर पैक ऑथर जुड़े हुए हैं। 
दरअसल हाल ही में एक एंड्रॉइड एप आयी है जिसका नाम है -'स्टीकर मेकर फॉर व्हाट्सएप '.  इस एप के जरिये आप अपने कस्टम स्टीकर बना कर व्हाट्सएप पर इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए जो स्टीकर पैक का नाम आप इसमें डालते हैं उसे स्टीकर पैक नेम कहते हैं और जो स्टीकर बनाता है उसका नाम स्टीकर पैक ऑथर कहलाता है। 

ऊपर दिए गए फोटो से आईडिया हो गया होगा कि यह कैसे काम करता है। एक बार आपका स्टीकर पैक बन जाता है उसके बाद आप अपने खुद के बनाये हुए स्टीकर भी व्हाट्सएप में इस्तेमाल कर सकते हैं। 
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किताबों और उनके लेखकों से जुड़े प्रश्न

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किताबों और उनके लेखकों से जुड़े प्रश्न

इस आर्टिकल में हिंदी365 आपसे किताबों और उनके लेखक लेखिकाओं के बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे। इसमें काफी पुस्तकों और काफी लेखक लेखिकाओं का जिक्र आएगा। 

कलम दवात - हिंदी365
कलम दवात - हिंदी365
प्रश्न : सुकरात जीवनी के लेखक कौन हैं ?
उत्तर : सुकरात इतने महान व्यक्ति थे कि लोगों ने उन पर कई पुस्तकें लिख दी हैं जो इस प्रकार है। आप खुद डिसाइड करें आपको कौन सी पढ़नी है ;
1. हमारा सुकरात - शुक्राचार्य 
2. सुकरात - अरुण तिवारी 
3. सुकरात - राजीव सिंह 
4. सुकरात एरिस्टोटल & प्लेटो(अंग्रेजी ) - ले मेनो - ई. हबर्ड इत्यादि 

प्रश्न : क्या सुकरात ने कभी खुद कोई पुस्तक लिखी ?
उत्तर : सुकरात ने खुद पुस्तकें नहीं लिखी। जो भी उनके बारे में आज हमें पुस्तकें लिखी है वह और लोगों द्वारा लिखी गयी है। ज्यादातर उनके शिष्य प्लेटो ने उनके बारे में लिखा है जो आजकल सभी बुक्स में छपा मिलता है। 

प्रश्न : सुकरात के डॉयलोग्स क्या हैं ?
उत्तर : ये प्लेटो और ज़ेनोफोन द्वारा लिखे गए उनके सुकरात के साथ की गयी बातचीत का संग्रह है। प्लेटो ने इन्हे सुकरात के डॉयलोग्स कहा है। 

प्रश्न : We Nehrus वी नेहरूज नामक पुस्तक किसने लिखी ?
उत्तर : यह पुस्तक कृष्णा नेहरू हूटीसीइंग ने लिखी है। ये पुस्तक नेहरू ख़ानदान के बारे में है। यह भूतपूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की छोटी बहन ने लिखी है। 

प्रश्न : युगपुरुष जयप्रकाश नारायण पर पुस्तक किसने लिखी ?
उत्तर : उमाशंकर वर्मा 


प्रश्न : जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा - गीत किसने लिखा ?
उत्तर : राजेंद्र कृष्ण 
यह गाना सिकंदर- ए - आजम फिल्म में मोहम्मद रफ़ी ने गाया था। इसे राजेंद्र कृष्ण ने लिखा। और हंसराज बहल ने संगीत दिया। 
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शनिवार, 24 नवंबर 2018

अनिल अंबानी के बारे में जानकारी

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अनिल अंबानी के बारे में जानकारी

भारत में ऐसी कोनसी फैमिली है जिसने अम्बानी फॅमिली का नाम नहीं सुना होगा। इस बिज़नेस मेन को हर कोई जानता है रिलायंस कम्युनिकेशन के जरिये। क्या सिर्फ रिलायंस कम्युनिकेशन ही है अनिल के पास? आइये आज जानते है अनिल अम्बानी के पास क्या क्या बिजनेस हैं ?

अनिल अंबानी - हिंदी365
अनिल अंबानी - हिंदी365
अनिल अंबानी धीरू भाई अंबानी के छोटे बेटे हैं। यानि मुकेश अंबानी के छोटे भाई। इनका जन्म 4 जून 1959 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में हुआ। मुंबई की मुंबई युनिवर्सिटी से ये पढ़े और बाद में व्हार्टन स्कूल(यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेंसिल्वेनिया) से इन्होने 1983 में एमबीए किया। भारतीय एक्ट्रेस टीना मुनीम से इन्होने शादी कर ली और इनके दो बच्चे हैं  - जय अंशुज अंबानी और जय अनमोल अंबानी। 

अनिल का इस समय पूरी संपत्ति को देखते हुए नेट वर्थ देखें तो 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानि 141.31 अरब रूपये (जुलाई 2018 के आंकड़े ) हैं। ये रिलायन्स अनिल धीरू भाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन हैं। 2002 में अपने पिता की मृत्यु के बाद अनिल और मुकेश ने जायदाद का बटवारा किया। इसमें अनिल ने रिलायंस टेलीकॉम, रिलायंस एंटरटेनमेंट, रिलायन्स फाइनेंसियल सर्विसेज, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायन्स पॉवर ले लिए। 
2008 में रिलायन्स पावर का आईपीओ निकला। 60 सेकंड से भी कम समय में पूरा आईपीओ बिक गया।  ये अभी तक का रिकॉर्ड तुल्य ट्रांज़ैक्शन था। 
2005 में एडलैब्स फिल्म्स में अनिल ने मेजोरिटी स्टेक खरीद लिए और 2009 में उसका नाम बदलकर रिलायन्स मीडियावर्क्स रख दिया। 

अनिल अम्बानी से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न :
प्रश्न : अनिल अंबानी ने 467 हेक्टेयर जमीन नागपुर में कब खरीदी?
उत्तर : ख़बरों के अनुसार ये ट्रांज़ैक्शन 2008 - 09 में शुरू हुआ था। नागपुर के यवतमाल जंगल में सी क्लास फॉरेस्ट के एक पैच पर रिलायन्स के रिलायन्स सीमेंटेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने ये सौदा शुरू किया था। उन्होंने आसपास का प्राइवेट जमीन खरीद लिया था और फिर फोरेस्ट लैंड के लिए 2009 में कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक चवण के पास गए थे और उन्होंने इसके लिए आस्वासन भी दिया था। 2011 में फॉरेस्ट लैंड कन्वर्जन के लिए औपचारिक एप्लीकेशन फाइल की गयी। अप्रैल 2012 में इसको राज्य सरकार की सहमति मिल गयी और इसे केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है दिसंबर 2012 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (फोरेस्ट ) ने भी इस पत्र को अपनी मंजूरी दे दी थी। 22 जनवरी 2018 को महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इसको हरी झंडी दिखा दी है। ये एरिया मुकुटबन के आसपास का है। टीपेश्वर वाइल्डलाइफ सेंचुरी से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। इसमें टाइगर रहते है। 

प्रश्न : क्या सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी का पासपोर्ट जब्त करने का आदेश दिया है?
उत्तर : एरिकसन नामक स्वीडिश कंपनी ने ऐसा करने के सुप्रीम कोर्ट को अक्टूबर 2018 में अपील जरूर की थी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं है। कोर्ट ने ऐसा कोई फैसला अभी तक नहीं सुनाया है। 

प्रश्न : क्या अनिल अम्बानी पानी के जहाज बनाते हैं ?
उत्तर : जी हाँ। अनिल अम्बानी की कंपनी रिलायन्स नवाल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (भूतपूर्व पीपावाव शिपयार्ड ) एक जहाज व हैवी मशीन बनाने वाली कंपनी है। ये शिपयार्ड गुजरात के पीपावाव नामक जगह पर स्थित है। इस कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है। 

प्रश्न : क्या अनिल अम्बानी के अपने न्यूज़ चैनल हैं ?
उत्तर : नहीं। उनके अपने कोई न्यूज़ चैनल नहीं हैं। लेकिन टीवी टुडे नेटवर्क में उनके लगभग 12 प्रतिशत स्टेक हैं। टीवी टुडे के आज तक(हिंदी ), इंडिया टुडे (इंग्लिश), तेज़ टीवी (हिंदी ), बिज़नेस टुडे (इंग्लिश )और दिल्ली आज तक (हिंदी ) इत्यादि न्यूज़ चैनल चलते हैं। 
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गूगल एडसेंस से जुड़े प्रश्न

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गूगल एडसेंस से जुड़े प्रश्न

अगर आप गूगल के साथ पार्टनर पब्लिशर बनके अपने प्लेटफार्म वेबसाइट या मोबाइल एप्प या अन्य इस तरह के प्लेटफार्म पर गूगल एड चलाना चाहते हैं और उससे पैसा कमाना चाहते हैं तो आप गूगल एडसेंस से कैसे जुड़ सकते हैं ये मैं आपको बताऊंगा आज। 

गूगल एडसेंस लोगो - हिंदी 365
गूगल एडसेंस लोगो - हिंदी 365 
आइये जानते हैं कि गूगल एडसेंस क्या है ?
गूगल एडसेंस गूगल का ही एक प्रोडक्ट है जिस पर पब्लिशर यानि वेब पब्लिशर्स का रजिस्ट्रेशन होता है तथा गूगल द्वारा जो  एड आपकी वेबसाइट पर चलाये जाने हैं उसका कोड भी यहीं मिलता है। आपको पेमेंट भी इसी पोर्टल के माध्यम से ही मिलता है। आप इस पर देख सकते है कि आप का कौन सा एड कितने रूपये कमा रहा है इत्यादि। 
आइये स्टेप बाई स्टेप जानते हैं क्या प्रोसेस होता है एडसेंस से जुड़ने के लिए ?
1 आप अपनी वेबसाइट या मोबाइल एप बनाते हैं। 
2. उसके बाद आप सभी के पास जो भी गूगल एडसेंस से जुड़ना चाहते है एक गूगल अकाउंट बना लें आसान शब्दों में आपका जीमेल अकाउंट। गूगल के एक ही अकॉउंट से आप उसके सभी प्रोडट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। 
3. अब आप गूगल सर्च में गूगल एडसेंस लिखे और एडसेंस वेबसाइट पर अपने जीमेल अकाउंट से लॉगिन कर लें। आप से आपके प्लेटफार्म का यूआरएल पूछा जायेगा रजिस्ट्रेशन करते वक्त। वह ध्यान से डालें क्यूंकि गूगल इसके बाद आपके प्लेटफार्म को चेक करते हैं। 
4.  गूगल कई बार आपके रजिस्ट्रेशन को रिजेक्ट भी कर सकते हैं अगर उन्हें लगता है कि एडसेंस की सभी पॉलिसी मैच नहीं हो रही हैं। आप भी रजिस्ट्रेशन से पहले पॉलिसी पढ़ लें उससे काफी ज्ञान बढ़ेगा आपका एडसेंस के बारे में। 
5. अगर आपका रजिस्ट्रेशन अप्रूव हो जाता है तो आपको नोटिफिकेशन आ जायेगा और आप उसके बाद वहीँ से एड यूनिट कोड लेकर अपनी वेबसाइट पर डाल सकते हैं।  इसके बाद आपको कुछ नहीं करना है पेमेंट सेक्शन में अपने बैंक अकाउंट को जोड़ लें और वेबसाइट पर अच्छा अच्छा कंटेंट डालते जाएँ और मजे लें। आपके पैसे आपके अकाउंट में आते रहेंगे। 

एडसेंस से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न :
प्रश्न : मेरा एडसेंस कब तक होगा ?
उत्तर : इसके अप्रूवल में लगभग 2 -7 दिन का समय लगता है। एडसेंस पॉलिसी और निर्देशों को ध्यान से पढ़ लीजिये और निश्चिंत बैठिये। 

प्रश्न : मेरा एडसेंसे अकाउंट क्रिएट करने के लिए जो कोड आता है मेरे ईमेल पर नहीं आता क्या करूँ ?
उत्तर : चेक करिये अपने मेल बॉक्स के सारे फ़ोल्डर्स। और चेक करें आपने सही मेल तो डाला है न रजिस्ट्रेशन करते वक्त। कई बार लोगो के दो जीमेल अकाउंट होते हैं वो एडसेंस का रजिस्ट्रेशन अलग अकाउंट से करते है और कोड अलग अकाउंट में देखते हैं। और वेबसाइट पर एड दिखाने का कोड एडसेंस में ही मिलेगा। 

प्रश्न : मेरा आइडेंटिटी वेरिफिकेशन फ़ैल हो गया है क्या करूँ ?
उत्तर : चेक करो आपके हर जगह पर नाम एक ही हैं क्या। डिटेल मिसमैच होने की वजह से आइडेंटिटी वेरिफिकेशन फेल होता है। जैसे कि आपका पेमेंट डिटेल का नाम और पब्लिशर का नाम अलग नहीं होना चाहिए। एक बार चेक कर लो जैसे ही आप इसे वेरिफाई कर लेंगे उसके बाद फिर से एड शुरू हो जायेंगे आपके प्लेटफार्म पर। 

प्रश्न : एडसेंस में मैक्सिमम कितना विदड्रा कर सकते है ?
उत्तर : ऐसी कोई मैक्सिमम लिमिट नहीं है जितना आपकी वेबसाइट पैसा कमाएगी आप ले सकते हैं। 

प्रश्न : एडसेंस सीपीसी (कॉस्ट पर क्लिक) कम होने के 5 मुख्य कारण क्या होते है ?
उत्तर : सबसे पहला होता है एड्स का सही जगह पर नहीं लगा होना। अगर आपका एड अच्छी जगह पर नहीं लगा है उसे यूजर सही से देख नहीं पता है तो आपका सीपीसी कम रहता है। 
2 जिस एडवरटाइजर का एड आपकी वेबसाइट पर चल रहा है हो सकता है कि वह कम बिड करता हो उस कम इन्वेस्टमेंट की वजह से भी सीपीसी लो रह सकता है। 
3 आपकी वेबसाइट पर कंटेंट कम या कम क्वालिटी का होने की वजह से भी सीपीसी कम हो जाता है। 
4 वेबसाइट पर कम लोगों का आना भी सीपीसी कम करता है। 
5 अगर आपकी वेबसाइट से इनवैलिड क्लिक यानि अनचाहे क्लिक होते हैं जिससे एडवरटाइजर को कोई फायदा नहीं होटा तो गूगल ऑटोमेटिकली सीपीसी कम कर देता है। 

प्रश्न : एडसेंस का मालिक कौन है ?
उत्तर : एडसेंस का मालिक गूगल ही है इनके मालिक नहीं बल्कि पैरेंट आर्गेनाइजेशन होती हैं। 
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सुषमा स्वराज के बारे में जानकारी

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सुषमा स्वराज के बारे में जानकारी

आइए आज जानते हैं लोगों की बेहद चहेती नेता सुषमा स्वराज के बारे मे। सुषमा स्वराज के पिता हरदेव शर्मा आरएसएस के एक ऊचें कद के नेता थे। बस राजनीति से इतना कनेक्शन था इनका और आज देखिये किस तरह अपने दम पर ये किस पद पर पहुँच चुकी हैं।


सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अम्बाला में हुआ। अम्बाला के सनातन धर्म कॉलेज से सुषमा जी ने संस्कृत और राजनीति शास्त्र के साथ बीए किया और फिर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से लॉ की पढाई की। उनमे बोलने का इतना हुनर है कि हरियाणा विश्व विद्यालय के लैंग्वेज डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्हें लगातार तीन बार बेस्ट हिंदी स्पीकर का अवॉर्ड मिला। 
1973 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी। सुषमा जी का राजनीतिक करियर भी एबीवीपी से ही शुरू हुआ इनके पति स्वराज कौशल उस समय के सामाजिक कार्यकर्ता जॉर्ज फर्नांडिस से जुड़े हुए थे। इस तरह सुषमा जी उनकी वकीलों की टीम का हिस्सा बन गयी। फिर जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी इन्होने हिस्सा लिया। 
25 साल की उम्र में यह हरियाणा की सबसे छोटी कैबिनेट मिनिस्टर बन गयी। इन्होने अम्बाला कैंट की सीट पर अपना कब्ज़ा कर लिया था। वो दो बार इस सीट से विधायक बनी 1977 -82 और फिर 1987 - 1990. उस समय हरियाणा में जनता दल की सरकार थी और देवी लाल मुख्यमंत्री थे हरियाणा के। तो उन्होंने सुषमा को कैबिनेट मिनिस्टर बनाया। फिर बाद में जब सुषमा चुनकर आयीं तो शिक्षा मंत्री रही हरियाणा सरकार में। 
1998 में सुषमा स्वराज दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी लेकिन महगाई बढ़ने के कारण उनकी सरकार गिर गयी। और फिर इसी तरह सुषमा राष्ट्रीय स्तर की राजनीती में आ गयी। 
1990 में वह राज्यसभा के लिए चुनी गयी। 06 साल बाद दिल्ली साउथ से लोकसभा सदस्य के तौर पर 1996 में चुनी गयी और वाजपेयी सरकार में यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर(इनफार्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग ) रही। लेकिन सरकार 13 दिन ही चल पायी। इसी तरह सुषमा अब एक राष्ट्रिय नेता बन चुकी थी। वह काफी लोकप्रिय है। उन्होंने काफी जगह से अपना हाथ आजमाया और ज्यादातर रिजल्ट अच्छे ही आये। 
इस समय सुषमा जी मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से दूसरी बार लोकसभा सदस्य हैं और वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार में 26 मई 2014 से विदेश मंत्री हैं। इंदिरा गाँधी के बाद वह देश की दूसरी महिला विदेश मंत्री हैं। 

सुषमा स्वराज से जुड़े कुछ प्रश्न 
प्रश्न : विश्व हिंदी दिवस सम्मेलन 2018 के अवसर किसने मॉरीशस में पाणिनि भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया है
a नरेन्द्र मोदी
b अरुण जेटली
c सुषमा स्वराज
d रामनाथ कोविंद
उत्तर : सुषमा स्वराज

प्रश्न : निम्न में से किसने कभी लोकसभा चुनाव नहीं हारा ममता बनर्जी, मेनका गाँधी, सुषमा स्वराज व सुमित्रा महाजन ?
उत्तर : सुमित्रा महाजन

प्रश्न : सुषमा स्वराज कब लोक सभा चुनाव हारी ?
उत्तर : सितम्बर 1999 में 13वे लोकसभा चुनावों में सुषमा को बीजेपी ने कर्नाटक की बेल्लारी सीट से लोकसभा चुनाव लड़वाया। ये सीट हमेशा से कांग्रेस के पास रही थी। यहाँ सोनिया गाँधी जी के खिलाफ सुषमा जी ने काफी मेहनत करके कन्नड़ में भाषण देकर सिर्फ 12 दिन में खूब लोकप्रियता बटोरी। कांग्रेस पार्टी  ने अपनी पूरी ताकत झौंक दी इज्जत बचाने के लिए। सुषमा सिर्फ 7 प्रतिशत वोट के मार्जिन से चुनाव हार गयी। सुषमा ने 12 दिन में करीब 358000 वोट पाए थे।

प्रश्न : सुषमा स्वराज जब विदेश मंत्री बनी तो पहली बार वो किस देश के दौरे पर गयी ?
उत्तर : उनकी विदेश मंत्री बनने के बाद 25 जून 2014 को पहला विदेशी दौरा बांग्लादेश का हुआ। वो ढाका में बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हमीद, प्रधान मंत्री शेख हसीना और वहां के विदेश मंत्री ए एच महमूद अली से मिली। 
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दंगल फिल्म के बारे में जानकारी

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दंगल फिल्म के बारे में जानकारी

आइये हिंदी365 आज आपको 2016 में आयी ऐसी फिल्म की जानकारी देगी जो सिर्फ 70 करोड़ में बनी लेकिन उसने पूरे बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा कर रख दिया। इसने विश्वभर में लगभग 2125 करोड़ रूपये कमाए। 

दंगल फिल्म का पोस्टर - हिंदी365
दंगल फिल्म का पोस्टर - हिंदी365 
कास्ट : 
आमिर खान - महावीर सिंह फोगाट
साक्षी तंवर - दया शोभा कौर (महावीर की पत्नी )
फातिमा सना शेख - गीता फोगट (महावीर की सबसे बड़ी लड़की)
ज़ारा वसिम - गीता फोगाट (बचपन का किरदार)
सांया मल्होत्रा - बबिता कुमारी (महावीर की दूसरी लड़की )
सुहानी भटनागर - बबिता (बचपन का किरदार)
अपारशक्ति खुराना - ओमकार 

दंगल शब्द का अर्थ होता है कुश्ती प्रतियोगिता। उत्तरी भारत में इसका काफी प्रचलन है।  यह फिल्म फोगाट फैमिली की जिंदगी पर आधारित है और इसमें दिखाया गया है कि किस तरह महावीर सिंह फोगाट जो कि एक हलके पहलवान थे लेकिन अपने सपने पूरे नहीं कर पाए थे। फिर उन्होंने सोचा कि जब उनके लड़के पैदा होंगे तो वो सपने अपने लड़को से पूरे कराएँगे। लेकिन उन्हें सिर्फ लड़किया ही मिली और इसी लड़के के पाने के इंतजार के चक्कर में उन्होंने 4 बच्चे पैदा कर दिए। चारो लड़की थी। धीरे धीरे हुई गतिविधियों से फोगाट साहब को समझ आया -- "म्हारी छोरिया के छोरो से कम है " और फिल्म में दिखाया गया है कि उन्होंने गीता फोगाट और बबिता फोगाट को किस तरह एक विश्व स्तरीय कुश्ती खिलाडी के रूप में तैयार किया। ये रियल लाइफ बेस्ड फिल्म ने उनका काफी संघर्ष विश्व के सामने लाया और समाज की सोच को बदलने की कोशिश की।

इन्ही सब कारणों से दंगल फिल्म को पूरे विश्व में काफी अच्छा रेस्पोंस मिला। 70 करोड़ में बनी इस रियल लाइफ मूवी को 2125.3 करोड़ का रिटर्न मिला जो कि एक बहुत बड़ा अमाउंट है। ये अभी तक की सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाली भारतीय फिल्म हैं। बाहुबली 2 ने भी करीब 1800 करोड़ रूपये कमाए थे वो दूसरे नंबर पर है। 62वे फिल्म फेयर अवॉर्ड्स में इस फिल्म को 4 अवॉर्ड्स मिले - बेस्ट फिल्म , बेस्ट डायरेक्टर (नितेश तिवारी ), बेस्ट एक्टर (आमिर खान) और बेस्ट एक्शन (श्याम कौशल) . 64 वे नेशनल अवॉर्ड्स में ज़ायरा वसीम को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला। इस फिल्म को काफी विदेशी प्लेटफार्म पर भी काफी प्रोत्साहन और प्रशंसा मिली जैसे - बीजिंग इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, ऑस्ट्रेलिया के आक्टा अवॉर्ड्स, डूबन फिल्म अवॉर्ड्स इत्यादि। 

दंगल से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न :
प्रश्न :  ज़ी अनमोल पर दंगल फिल्म कब दिखाई जाएगी ?
उत्तर : 16 सितम्बर 2018 

प्रश्न : तमिल दंगल फिल्म कब आयी ?
उत्तर : 23 दिसंबर 2016 को दंगल मूवी का तमिल डबिंग वर्जन भी लांच हुआ था। 

प्रश्न : दंगल फिल्म के डायरेक्टर कौन थे ?
उत्तर : नितेश तिवारी 

प्रश्न : भोजपुरी दंगल मूवी के बारे में बताएं ?
उत्तर : यह अलग फिल्म है। यह 1977 में आयी थी। इसमें सुजीत कुमार और प्रेम नारायण इत्यादि कलाकारों ने काम किया है। 

प्रश्न : दंगल 2 में क्या प्रस्तुति पराशर काम करेंगी ?
उत्तर : ये सब अफवाह है अभी तक दंगल 2 फिल्म का भी कोई अनाउंसमेंट नहीं हुआ है। और ऐसी कोई आधिकारिक सूचना हमारे पास नहीं है। जैसे ही सूचना आएगी हम प्रकाशित करेंगे। 

प्रश्न :दंगल फिल्म के लिए महावीर सिंह फोगट को कितनी रकम मिली। 
उत्तर : जनवरी 2017 में महावीर फोगात को अपनी स्टोरी शेयर करने के लिए दंगल फिल्म टीम की ओर से 80 लाख रूपये मिलने की खबर हर अखबार में छपी थी। 

प्रश्न :करन जौहर का दंगल फिल्म से कोई कनेक्शन है क्या ?
उत्तर : नहीं। बस उनका एक दंगल फिल्म आने के बाद ट्वीट आया था कि उन्हें मूवी बहुत पसंद आयी। और कोई सम्बन्ध नहीं है। जो उन्होंने ट्वीट किया था उसमे लिखा था - काश ये फिल्म मैंने डायरेक्ट की होती। 
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शुक्रवार, 23 नवंबर 2018

अरुण जेटली के बारे में जानकारी

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अरुण जेटली के बारे में जानकारी

अरुण जेटली को ऐसे कम ही लोग होंगे जो जानते नहीं होंगे अन्यथा ज्यादातर लोग उन्हें जानते हैं क्योंकि वह गत कई वर्षों से राजनीती में अच्छे स्थान पर रहे हैं। आज हम जानेंगे कि वह किस तरह वकालत करने के पश्चात और एक अच्छे अर्थशास्त्री होने के पश्चात अपने इस कद पर कैसे पहुंचे?

अरुण जेटली - हिंदी 365
अरुण जेटली - हिंदी 365
अरुण जेटली व्यवसाय से वकील और राजनीतिज्ञ हैं। इनका जन्म 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में हुआ। दिल्ली में ही पूरी शिक्षा हुई। संत ज़ेवियर स्कूल से पूरी 12वीं तक की शिक्षा हुई और फिर बहुत ही प्रतिष्ठित कॉलेज -श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से बीकॉम किया बहुत ही अच्छे अंको के साथ उसके बाद इन्होने दिल्ली विश्व विद्यालय के लॉ फैकल्टी से 1977 में एलएलबी कर ली। 
अपने ग्रेजुएशन के दिनों से ही छात्र राजनीति में आ चुके थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जेटली स्टूडेंट लीडर थे और काफी मोर्चो में हिस्सा लेते थे। 1973 में भ्रस्टाचार के खिलाफ जो आंदोलन हुआ जयप्रकाश और राजनारायण के द्वारा उसमे इन्होने सक्रीय रूप से हिस्सा लिया था। पढाई में होशियार के साथ साथ राजनीति भी बनती जा रही थी। ये दिल्ली एबीवीपी के अध्यक्ष रहे और फिर पुरे भारत के एबीवीपी अध्यक्ष भी रहे। 1980 में ये इसी तरह काम करते हुए भाजपा युवा मोर्चा दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष बन गए। 
बाद में 1987 में इन्होने सुप्रीम कोर्ट और अन्य हाई कोर्ट में लॉ प्रैक्टिस शुरू कर दी। इन्होने काफी केस लडे हैं उन्हें अलग आर्टिकल में कवर करेंगे। पहले दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर अधिवक्ता बने और फिर सुप्रीम कोर्ट में सीनियर अधिवक्ता बने। 
1991 में फिर से बीजेपी ज्वाइन कर ली। 1999 के आम चुनावों में वे भाजपा के प्रवक्ता बन गए। 13 अक्टूबर 1999 को वाजपेयी की सरकार में ये इनफार्मेशन एवं ब्राडकास्टिंग राज्यमंत्री बने। इसी तरह यहाँ से उनकी सक्रीय राजनीती शुरू हो चुकी थी और वकालत की प्रैक्टिस  छोड़ दी। 
इस समय अरुण जेटली 23 अगस्त 2018 से देश के वित्त मंत्री हैं . कॉर्पोरेट अफेयर मंत्रालय भी इन्ही के अधीन है।  इनके वर्तमान कार्यकाल में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स का लोकार्पण बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य रहा। 

इन्होने 1982 में जम्मू कश्मीर के भूतपूर्व वित्त मंत्री गिरधारी लाल डोगरा की बेटी संगीता डोगरा से शादी की। इनके दो बच्चे हैं रोहन और सोनाली। दोनों ही बच्चे वकालत प्रैक्टिस कर रहे हैं। 

अब हम अरुण जेटली से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न देखेंगे :
प्रश्न : 2018 में अरुण जेटली किस राज्य की राज्यसभा से चुने गए ?
उत्तर : पहले वो गुजरात से राज्यसभा में थे। मार्च 2018 को उत्तर प्रदेश सरकार से वह फिर से राज्यसभा पहुंचे। इस तरह अरुण जेटली 02 जून 2014 से लीडर ऑफ़ हाउस हैं। 
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आमिर खान के बारे में जानकारी

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आमिर खान के बारे में जानकारी

आमिर खान के बहुत ही आइकोनिक भारतीय अभिनेता हैं। आमिर बहुत ही कम व अच्छी फिल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं। आमिर खान अभिनेता होने के साथ फिल्म मेकर और टीवी शो होस्ट भी हैं। इस तरह की काफी जानकारी आज हम आमिर खान के बारे में जानने की कोशिश करेंगे अपने इस आर्टिकल में। 

आमिर खान - हिंदी 365
आमिर खान - हिंदी 365
आमिर खान का पूरा नाम मोहम्मद आमिर हुसैन खान है। इनका जन्म 14 मार्च 1965 को मुंबई महाराष्ट्र में ताहिर हुसैन और जीनत हुसैन के घर हुआ। ताहिर हुसैन उस समय एक फिल्म प्रोडूसर थे। इनके चाचा नासिर हुसैन भी डायरेक्टर - प्रोडूसर हैं। कुल मिलाकर फिल्मो की काफी समझ रही होगी आमिर खान को शुरू से ही।
आमिर खान  की सबसे पहली फिल्म की बात करें तो इनकी सबसे पहली फिल्म थी यादों की बारात (1973) जो इनके चचा ने बनाई थी और इन्होने उसमे बाल कलाकार का किरदार निभाया था।
बड़े होने के बाद इनकी सबसे पहली आई होली (1984) और उसके बाद उन्होंने अच्छी तरह से फिल्मो में काम करना शुरू कर दिया 1988 में क़यामत से क़यामत तक जो की एक भयंकर रोमांस फिल्म हैं, इस फिल्म में इनको लीड रोल मिल गया। 1989 में आयी इनकी फिल्म राख के लिए इन्हे पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
1996 में आयी इनकी फिल्म राजा हिंदुस्तानी के लिए इन्हे इनका पहला फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला बेस्ट एक्टर केटेगरी में। 1999 में इन्होने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस खोला आमिर खान प्रोडक्शंस जिसके तहत इन्होने पहली फिल्म लगान(2001) बनाई और लगान इतनी अच्छी फिल्म थी कि उसका ऑस्कर में बेस्ट फॉरेन फिल्म के लिए नॉमिनेशन हुआ तथा इस फिल्म को नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट पॉपुलर फिल्म से भी नवाजा गया। ये सब काफी नहीं था। फिल्म को 2 फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिले - बेस्ट फिल्म और बेस्ट एक्टर
2007 में रिलीज हुई तारे जमीन पर फिल्म इनकी डायरेक्ट की हुई पहली फिल्म थी जो कि काफी चली और इसने 2 फिल्म फेयर अवार्ड जीते - बेस्ट फिल्म व बेस्ट डायरेक्टर। 2008 में आयी इनकी फिल्म गजनी को भी पूरे विश्व में सफलता मिली। 
इसी तरह इनकी अन्य अच्छी फिल्म हैं :
3 इडियट्स (2009)
धूम 3 (2013)
पीके (2014)
दंगल 2016 -उस समय की सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाली भारतीय फिल्म 
दंगल के लिए भी इन्हे बेस्ट एक्टर फिल्म फेयर अवार्ड मिला। 

आमिर खान के फिल्मो में योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 2003 में इन्हे पदम श्री से 2010 में पदम भूषण से नवाजा। 

1986 में इन्होने अपनी पहली शादी की रीमा दत्ता से जो कि 2002 में तलाक हो गया। रीमा दत्ता के साथ इनके 2 बच्चे हैं। बाद में 2005 में इन्होने किरण राव से शादी कर ली। किरण के साथ इनका एक बच्चा है।

आमिर खान से जुड़े कुछ और प्रश्न :
प्रश्न : आमिर खान का दंगल फिल्म में पूरा नाम क्या था ?
उत्तर : महावीर सिंह फोगट 

प्रश्न : आमिर खान और अजय देवगन कॉमेडी फिल्म का नाम बताएं ?
उत्तर : 1997 में आयी फिल्म इश्क़ 

प्रश्न : अमिताभ बच्चन की हाल ही में नवम्वर 2018 में आयी फिल्म का नाम क्या है ?
उत्तर : ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तां। 

प्रश्न :आमिऱ खान एक फिल्म करने के लिए कितने रूपये लेते हैं। 
उत्तर : आमिर खान आजकल फिक्स्ड रूपये नहीं लेते बल्कि ये अपने फीस फिल्म के प्रॉफिट का कुछ प्रतिशत लेते हैं जो की लगभग 25 - 30 प्रतिशत रहता है और औसतन इनकी फीस 50 करोड़(टैक्स काटने के बाद ) से ऊपर ही पड़ती है और अगर फिल्म सुपरहिट हो जाये तो बस पूछो ही मत क्योंकि इन्हे उसका अच्छा खासा हिस्सा मिलता है।

प्रश्न : क्या आमिर खान ने अमरीश पुरी के साथ कोई फिल्म की है ?
उत्त्तर : नहीं एक्टर के किरदार में तो कोई फिल्म नहीं की है हाँ लेकिन नाशिर हुसैन जो कि आमिर खान के चाचा हैं 1985 के आसपास नाशिर ने एक फिल्म बनाई थी - जबरदस्त। जबरदस्त में आमिरखान एक्शन डायरेक्टर थे और इस फिल्म में अमरीश पुरी का किरदार भी था।

प्रश्न : "कहना है तुमसे कहना है " आमिर की किस फिल्म का गाना है ?
उत्तर : ये गाना आमिर की फिल्म मन से लिया गया है ये फिल्म  1990 में रिलीज हुई थी। इस गाने में आमिर के साथ मनीषा कोइराला ने काम किया है।
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लेखक लेखिका से सम्बंधित प्रश्नोत्तर

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लेखक लेखिका से सम्बंधित प्रश्नोत्तर 

हमने यहाँ पर हमसे पूछे गए विभिन्न प्रश्नो का उत्तर देने की कोशिश की है जो लेखक लेखिकाओं से सम्बंधित है। आशा है आपको इनसे सहायता मिलेगी और आपका सामान्य ज्ञान बढ़ेगा।

प्रश्न : One hundred words किताब की लेखिका कौन हैं ?
उत्तर : लॉरेन हॉल्सटॉर्म 

प्रश्न : रामचरितमानस के लेखक कौन हैं ?
उत्तर : तुलसीदास 

प्रश्न : सावित्री के लेखक कौन है ?
उत्तर : श्री औरोबिन्दो 

प्रश्न : हीर राँझा के लेखक कौन हैं ? 
उत्तर :  वारिस शाह 

प्रश्न : गीतांजलि के लेखक कौन हैं ?
उत्तर : रबीन्द्रनाथ टैगोर 

प्रश्न : आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांत पुस्तक किसने लिखी ?
उत्तर : आनंदमूर्ति गुरुमाँ

प्रश्न : रीढ़ की हड्डी नाटक के लेखक कौन हैं ?
उत्तर : जगदीश चंद्र माथुर

प्रश्न : कश्मीर : द वाजपेयी येअर्स  के लेखक कौन हैं ?
उत्तर : ए एस दुलत

प्रश्न : चौरासी वैष्णवन की वार्ता नामक बृजभाषा ग्रन्थ किसने लिखा ?
उत्तर : इसके रचियता के ऊपर विद्वानों में मतभेद है। यदि आपको पता है तो सबूत के साथ हमें बताएं। 
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यमक अलंकार

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यमक अलंकार

इस आर्टिकल में हमने यमक अलंकार पर विस्तार से चर्चा करने की कोशिश की है। आशा है आपको तुरंत समझ आ जाएगा।परिभाषा के साथ यमक अलंकार के उदाहरण भी दिए हैं जिससे आप अच्छी तरह से समझे। 
यमक अलंकार की परिभाषा:
ये तो आपको पता ही होगा अलंकार क्या होता है - अलंकार यानि किसी वाक्य छंद अथवा काव्य के शोभात्मक शब्दों को कहते है। अलग अलग तरह से प्रयोग होने के आधार पर कई तरह के अलंकार होते हैं। यमक अलंकार तब होता है जब कोई शब्द बार बार आये लेकिन उसका अर्थ अलग हो। इसे निम्न पंक्ति के माध्यम से भी आप याद कर सकते हैं -
वही शब्द पुनि - पुनि परै, अर्थ भिन्न ही भिन्न

यमक अलंकार के उदाहरण:
वह तीन बेर खाती थी अब तीन बेर खाती हैं
इस पंक्ति में बेर शब्द दो बार आया है लेकिन बेर शब्द के दोनों जगह अर्थ अलग है। पहले बेर का मतलब बेर फल से है लेकिन दूसरे बेर का मतलब बार से है। इस पंक्ति का अर्थ है - वह तीन बेर खाती थी अब वह तीन बार खाती है। 

कनक कनक तै सौ गुनी मादकता अधिकाय
वा खाए बौराए जग या पाए बौराये
इस ऊपर लिखी पंक्ति में कनक शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है लेकिन दोनो ही बार कनक शब्द का मतलब अलग है। जहाँ पहले कनक का अर्थ सोना है वहीँ दूसरे कनक का अर्थ धतूरा है। इसलिए इसमें यमक अलंकार है। 

काली घटा का घमंड घटा 
इस पंक्ति में भी यमक अलंकार है क्योंकि पहले शब्द घटा का अर्थ है - बादल की घटा और दूसरे घटा शब्द का अर्थ है कम होना। 

माला फेरत जुग भया, फिरा न मन फेर
करका मनका डारि दै, मन का मनका फेर
इन पंक्तियों में मनका शब्द की दो बार आवृति हुई है और दोनों ही बार इसका अलग अर्थ है एक जगह इसका अर्थ है भजन करने की माला और दूसरी जगह इसका अर्थ हमारे मन से है। इसलिए यहाँ भी यमक अलंकार है। 

कुछ अन्य यमक अलंकार के उदहारण :

पच्छी परछीने ऐसे पर छीने बीर|
तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के|

कहे कवि बेनी बेनी ब्याल की चुराई लीनी|

गुनी गुनी सब के कहे, निगुनी गुनी न होत|
सुन्यौ कहूँ तरु अरक तें, अरक समानु उदोत||

ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहन वारी|
ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहाती है||

जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं। 

बरजीते सर मैन के, ऐसे देखे मैं न हरिनि के नैनन ते हरिनि के ये नैन 

उधो जोग जोग हम नाही। 

त्यों रसखानि वही रसखानि जु है रसखानि सो है रसखानि 
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गुरुवार, 22 नवंबर 2018

बांग्लादेश का राष्ट्रगान - आमार शोनार बांग्ला

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बांग्लादेश का राष्ट्रगान - आमार शोनार बांग्ला

आज हम आपको बांग्लादेश के राष्ट्रगान के बारे में बताएँगे। दरअसल इसे भी भारत राष्ट्रगान की तरह गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर ने लिखा था। आज हम जानेंगे इसके बोल और उनका मतलब।

बांग्लादेश का झंडा - हिंदी 365
बांग्लादेश का झंडा - हिंदी 365
आमार शोनार बांग्ला का मतलब होता है - मेरा सोने जैसा बंगाल 

राष्ट्रगान के बोल और उनका मतलब 

आमार शोनार बांग्ला
आमार शोनार बांग्ला,
आमि तोमाए भालोबाशी। 
मतलब : मेरा प्रिय बंगाल
मेरा सोने जैसा बंगाल,
मैं तुमसे प्यार करता हूँ। 

चिरोदिन तोमार आकाश,
तोमार बताश,
अमार प्राने बजाए बाशी। 
मतलब : सदैव तुम्हारा आकाश,
तुम्हारी वायु
मेरे प्राणों में बाँसुरी सी बजाती है।

ओ माँ,
फागुने तोर अमेर बोने
घ्राने पागल कोरे,
मोरी हए, हए रे,
ओ माँ,
ओघ्राने तोर भोरा खेते
अमी कि देखेछी मोधुर हाशी। 
मतलब : ओ माँ,
वसंत में आम्रकुंज से आती सुगंध
मुझे खुशी से पागल करती है,
वाह, क्या आनंद!
ओ माँ,
आषाढ़ में पूरी तरह से फूले धान के खेत,
मैने मधुर मुस्कान को फैलते देखा है।

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भारत का राष्ट्र गान - जन गण मन

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भारत का राष्ट्रगान - जन गण मन

आइये जानते हैं भारत के राष्ट्र गान के बारे में कुछ ऐसी बातें जो शायद आपको अभी तक पता नहीं होंगी लेकिन पता होना जरुरी है। हम आपको बताएँगे कि राष्ट्रगान के बोल क्या हैं ? उसे 52 सेकंड में क्यों जाता है। यह कहाँ से लिया गया है इत्यादि। 
जन गण मन - हिंदी365
जन गण मन - हिंदी365

जन गण मन के बोल नीचे दिए गए हैं -

जन गण मन अधिनायक जय हे 
भारत भाग्य विधाता 
पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंग 
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा 
उच्छल जलधि तरंग 
तव शुभ नामे जागे 
तव शुभ आशिष मागे 
गाहे तव जय गाथा 
जन गण मंगल दायक जय हे 
भारत भाग्य विधाता 
जय हे जय हे जय हे 
जय जय जय जय हे

जन गण मन से जुड़े कुछ प्रश्न 
प्रश्न : भारत का राष्ट्रगान कहाँ से लिया गया है ?
उत्तर : रबीन्द्रनाथ टैगोर ने बंगाली में एक कविता लिखी थी जिसका शीर्षक था भारतो भाग्यो बिधाता। उसी कविता के पहले स्टैंज़ा को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया। 

प्रश्न : जन गण मन औपचारिक रूप से पहली बार कब गया गया ?
उत्तर : 26-28 दिसंबर 1911 को कलकत्ता में कांग्रेस का 26वण अधिवेशन हुआ। उसमे 27 दिसंबर 1911 को पहली बार जन गण मन गाया गया। 

प्रश्न : जन गण मन को भारत ने कब राष्ट्रगान के रूप में अपनाया?
उत्तर : 24 जनवरी 1950 को जन गण मन को भारत ने अपने राष्ट्रगान के रूप में अपना लिया। 

प्रश्न : राष्ट्रगान को ठीक कितने समय में गाया जाता है ?
उत्तर : औपचारिक तौर पर इसका गाने का समय 52 सेकंड है क्योंकि इस गाने को ठीक से सुर में गाने पर 52 सेकंड का समय लगता है। 

प्रश्न : अगर भारत का राष्ट्रगान गाया जा रहा है और कोई उसे छोड़ कर चला जाये तो उस पर कार्यवाई क्या हो सकती है क्या कानून है ?
उत्तर : संविधान के आर्टिकल 51 A के अनुसार भारत के हर नागरिक को देश के राष्ट्रगान का सम्मान करना होगा। जैसे कि सुप्रीम कोर्ट ने कम्पलसरी कर दिया था कि हर फिल्म से पहले राष्ट्रगान चलेगा और सब लोग खड़े होकर उसे गाएंगे। 
इसके लिए 23 दिसंबर 1971 को भारतीय संसद ने एक कानून बनाया था इसको प्रिवेंशन ऑफ़ इंसल्ट तो नेशनल हॉनर एक्ट 1971 कहा जाता है इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति भारत के गरिमा चिन्हों की अवहेलना व बेज्जती नहीं कर सकता। 
इसी कानून की सेक्शन 3 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति भारत के राष्ट्रगान की अवहेलना जानबूझ के यदि करता पाया जाता है जैसे राष्ट्रगान के समय कोई ऐसी क्रिया जिससे राष्ट्रगान में बाधा उत्पन्न हो तो उस पर 3 साल की सजा और धन के रूप में दंड या फिर दोनों लगाए जा सकते हैं। वैसे किसी पर इस कानून को लगाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। हर व्यक्ति को अपने राष्ट्र परिचायको का सम्मान सदैव करना चाहिए। 
कुछ देशो में तो और भी कड़े कानून हैं इस तरह के जुर्म करने पर। 

प्रश्न दुनिया का ऐसा पहला देश कौन सा है जिसने अपना राष्ट्रगान औपचारिक रूप से अपनाया?
उत्तर : सबसे पहले औपचारिक रूप से इंग्लैंड (ब्रिटैन) ने 1745 में अपनाने की घोषणा की उनका ये नेशनल एंथम है - गॉड सेव द क्वीन 

प्रश्न : जन गण मन भारत के राष्ट्रगान में कितनी नदियों का उल्लेख है ?
उत्तर - दो नदियों का उल्लेख है - गंगा और यमुना। 
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