गुरुवार, 18 अक्तूबर 2018

भारत में किन किन नौकरियों में आरक्षण लागू है ?


भारत में किन किन नौकरियों में आरक्षण लागू है ?

भारत में संविधान के अनुसार जातिगत आरक्षण है जिसे सभी जातिवर्गों को सामान स्थान पर लाने के लिए शुरू किया गया था।  शुरू में आरक्षण कुछ समय के लिए शुरू किया गया था लेकिन बाद में वोट बैंक राजनीति की वजह से इसे हटाया नहीं जा सका। 
भारत में इस समय शिक्षा और व्यवसाय दोनों में ही जातिगत आरक्षण है। अधिकतर सभी सरकारी नौकरी में आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। हाँ कुछ विशेष नौकरी होती हैं जहाँ काफी स्किल की जरुरत होती है उनमे सरकारी होने के बावजूद भी कई बार आरक्षण को उतना लागू नहीं किया जाता। लेकिन सामान्य सभी सार्वजानिक नौकरियों में आरक्षण है। 

अगर में प्रतिशत की बात करूँ तो अनुसूचित जाति वर्ग को 15 % आरक्षण है। अनुसूचित जनजाति को 7.5% आरक्षण है। पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है। इस तरह से कुल 49.5 प्रतिशत सीट आरक्षण में जाती हैं और बाकि सीट पर अन्य सभी वर्ग और आरक्षित वर्ग भी अपना दावा ठोक सकते हैं। मतलब कई विभाग में सामान्य वर्ग की सीट पर भी आरक्षित वर्ग का व्यक्ति अगर उसके मार्क अच्छे आये हैं तो बाद में सामान्य सीट पर एडमिशन ले लेते हैं। 
कई बार आरक्षण पर वाद विवाद होते हैं। जिनको आरक्षण मिल रहा है उन्हें कम मेहनत में अच्छा विद्यालय व अच्छी नौकरी मिल रही है वो उसे अच्छा मानते हैं लेकिन अधिकतर लोग जातिगत आरक्षण के खिलाफ नजर आते हैं जब उनसे इस पर राय पूछी जाती है। 
और यह युवाओं पर बहुत ही गहरा असर डालता है क्यूंकि ये जाति आधारित है। यह दीमक की भांति उनके भविष्य को काटता चला जा रहा हैं। दो भिन्न वर्ग के बच्चे हैं उनमे से एक बहुत ज्यादा पढता है और एक आनंद से जीवन बिताता हैं लेकिन अंत में निचली जाति वर्ग का बच्चा सफल घोषित हो जाता है और ऊपरी जाति वर्ग का बच्चा असफल। मेरिट को गहरी चोट पहुंचाता है आरक्षण। कई बार कम कुशल एवं निपुण व्यक्ति आरक्षण की वजह से नौकरी पा लेता है और अधिक कुशल एवं निपुण व्यक्ति खड़ा रह जाता है। जिसकी वजह से कई बार अच्छे पढ़े लिखे कुशल व्यक्ति विदेश चले जाते है और जो योगदान वो अपने देश को दे सकते थे वो उसकी बजाय अन्य देश को पहुंचाते हैं तो निश्चित तौर पर आरक्षण दीमक की तरह युवाओं के भविष्य पर बुरा असर डालता है। निचली जाति का जो बच्चा उदहारण के तौर पर यदि 100 में से 50 मार्क्स लाने की क्षमता रखता है लेकिन उसे 20 मार्क्स पर ही आरक्षण के अनुसार एडमिशन मिल जायेगा या फिर नौकरी मिल जाएगी तो वो मेहनत क्यों करेगा और इस तरह देश धीरे धीरे कमजोर होता है और नेता राजनीति करते रहते हैं और किसी व्यक्ति ने कहा है कि अगर आपको लम्बे समय तक शासन करना है तो अपनी प्रजा को ज्यादा सुदृढ़ मत करो बल्कि उन्हें अपंग बना के रखो ताकि वो आपकी बात सुने। तो कहीं न कहीं काफी नुकसान पहुंचाता है जातिगत आरक्षण। 

  • bharat me kin kin naukariyo me aarakshan lagu hai 
  • bharat me jati aadharit aarakshan yuvaon ke bhavishya ko dimak ki bhanti kat raha hai
कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करो 
Share this article :

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें