रविवार, 21 अक्तूबर 2018

फिल्मो के ऐसे गाने जो खुद अमिताभ बच्चन जी ने गाए हैं

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फिल्मो के ऐसे गाने जो खुद अमिताभ बच्चन जी ने गाए हैं  

आज  में आपको ऐसे गानों के बारे में बताऊंगा जिन्हे फिल्मो में खुद अमिताभ बच्चन जी ने गया है। लोग अमिताभ जी की सिर्फ एक्टिंग के फैन नहीं हैं उनकी आवाज में उससे भी अधिक जादू है। तो नीचे उन गीतों की सूचि है जो उन्होंने गाए हैं।
1. उन्होंने सिलसिला फिल्म में नीला आसमान गाना गाया था इसे संगीत शिव हरी ने दिया था और जावेद अख्तर ने लिखा था। इस गाने को अमित जी और रेखा के बीच फिल्माया गया है। नीला आसमान सो गया ........


2. सिलसिला फिल्म में ही रंग बरसे

3.  फिल्म बागवान में मैं यहाँ तू वहाँ
ये गाना समीर जी ने लिखा है और संगीत आदेश श्रीवास्तव जी ने दिया है।

4. फिल्म बागवान का ही - होली खेले रघुवीरा

5. फिल्म लावारिस में उन्होंने गाया है - मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है ?
ये अनजान जी ने लिखा है

6. फिल्म शमिताभ में स्वानंद किरकिरे द्वारा लिखा हुआ गाना -- पिडली सी बातें

7. मिस्टर नटवरलाल फिल्म में आनंद बक्शी द्वारा लिखित -- मेरे पास आओ

8. फिल्म कहानी में उन्होंने रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित गाना - एकला चलो रे को अपनी आवाज दी

9. 2008 में आई फिल्म भूतनाथ में उन्होंने चलो जाने दो गाने को गाया।

10 फिल्म भूतनाथ में ही जावेद अख्तर द्वारा लिखित गाना - मेरे बड़ी  भी उन्होंने ही गाया है।

11 फिल्म वजीर में इन्होने फरहान अख्तर के साथ मिलकर अतरंगी यारी गाना गाया है।

12 फिल्म निशब्द में रोजाना जिसे फरहाद वाडिया व साजिद खान ने लिखा था।

13 हाल ही में 102 नॉट आउट फिल्म आयी उसका बडुम्बा गाना भी अमिताभ बच्चन ने खुद गाया।  और ये हिट सॉन्ग्स हैं बाकि एक आदि गाना मुझसे से मिस भी हो सकता है या इन्होने थोड़ा बहुत गाया होगा।
ab tak amitabh bachchan ki bollywood filmo me kitne gano me apni aawaj di hai, Amitabh Bachchan Songs list

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अमिताभ बच्चन कौनसी कंपनी का चश्मा पहनते हैं ?

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अमिताभ बच्चन कौनसी कंपनी का चश्मा पहनते हैं ?

बहुत ही अलग प्रश्न है ये और इसका उत्तर बहुत कठिन है क्योंकि आपने किसी 400 रूपये प्रतिदिन कमाने वाले व्यक्ति के बारे में नहीं पूछा है बल्कि आपने पूछा है अमिताभ बच्चन के बारे में जो किसी भी ब्रांड के चश्मे पहन सकते हैं। और ऐसे शक्श फंक्शन और कपड़ो के हिसाब से भी चश्मे बदल सकते हैं। अभिनेताओं को कई बार शूटिंग के हिसाब से भी अलग चश्मे, कपडे इत्यादि बदलने पड़ते है। लेकिन हमने फिर भी जानने की कोशिश की कि वो आजकल कौनसा चश्मा पहन रहे हैं। 


जी हाँ इस समय कौन बनेगा करोड़पति 2018 शो में वह ह्यूगो बॉस का ऑरेंज यानि संतरी रंग का चश्मा पहनते हैं। ये वही चश्मा है फोटो में जो वो आजकल पहन रहे हैं। और जैसा की मैंने पहले बताया वो चश्मे बदलते रहते हैं अगर आप गौर करोगे तो उन्होंने केबीसी के भी हर सीजन में अलग चश्मा पहना है तो वो अमिताभ बच्चन हैं वो कितने भी ब्रांड और डिज़ाइन बदल कर अपने चश्मे कई बार कस्टमाइज़ कराके भी पहन सकते हैं। 

amitabh bachchan konsi company ka specs use karte hain

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शनिवार, 20 अक्तूबर 2018

अमिताभ बच्चन के बारे में हिंदी में जानकारी

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अमिताभ बच्चन के बारे में हिंदी में जानकारी 

आज बताएँगे एक ऐसे व्यक्ति की जानकारी जिसकी कहानी बहुत ही बड़ी और रोचक है। उत्तरप्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में जन्मे इस बच्चे का नाम इंक़लाब श्रीवास्तव था। जी हाँ अमिताभ बच्चन जी के बचपन का नाम इंक़लाब श्रीवास्तव ही था। अमिताभ बच्चन जी का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को हुआ। उनके पिता एक अवधी रुझान के हिंदी कवि थे श्री हरिवंश राय बच्चन। अब आपको लगता होगा कि अगर उनका गोत्र श्रीवास्तव था तो बच्चन नाम से कैसे जुड़ा? दरअसल हरिवंश राय बच्चन "बच्चन" नाम ही अपनी पुस्तकों पर इस्तेमाल करते थे। बच्चन यानि बच्चों जैसा। तो वही से बाद में हरिवंश राय श्रीवास्तव ने बच्चन नाम को अपना लिया। 
Amitabh Bachchan
 अमिताभ बच्चन की माँ का नाम तेजी बच्चन था। अमिताभ ने नैनीताल के शेरवुड कॉलेज से पहले पढाई की। और उसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय का किरोड़ीमल कॉलेज ज्वाइन कर लिया। उनके पिता तो लेखक थे जो बहुत उम्दा लिखते थे लेकिन माँ का रुझान कहीं न कही नाटय शास्त्र में था। और कहीं न कहीं अमिताभ के करियर चॉइस में उसका प्रभाव रहा होगा। 
अमिताभ को फ़िल्मी दुनिया में पहला काम उनकी आवाज ने दिलवाया। 1969 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म भुवन शोम में बतौर कथावाचक / वक्ता काम किया। उन्हें 1969 में ही सात हिंदुस्तानी में एक्टिंग रोल मिल गया। 1971 में उन्होंने आनंद में राजेश खन्ना के साथ बतौर सपोर्टिंग एक्टर काम किया और उस मूवी में बहुत ही बेहतरीन काम के कारण इन्हे पहला फिल्म फेयर अवॉर्ड बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर मिल गया। बाद में काफी मूवी लगातार फ्लॉप हो गयी। 
1973 में ज़ंज़ीर में एंग्री यंग मैन का रोल खेलते हुए ये वापस चर्चा में आये। जंजीर की वजह से पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड इनको मिला बतौर बेस्ट एक्टर इन लीड रोल। और इस फिल्म ने अमिताभ को रातोरात  एक स्टार कटेगरी में लाकर खड़ा कर दिया। 1973 में ही इन्होने अपनी सहअभिनेत्री जया भादुरी बच्चन से शादी कर ली। जया बहुत ही अच्छी एक्ट्रेस रही हैं। आजकल जया राजनीति में हैं 2004 से वह राज्यसभा सदस्य हैं समाजवादी पार्टी की ओर से। 
1984 में अमिताभ जी ने राजनीति भी शुरू की थी। वह प्रयागराज से चुनाव लड़े 8वे लोकसभा चुनावों में और काफी बड़े मार्जिन से जीते लेकिन 1987 में उन्हें राजनीति छोड़नी पड़ी क्यूंकि उनका नाम बोफोर्स स्कैम से जोड़ दिया गया हालाँकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गयी। 
सन 2000 से टीवी पर काम करना शुरू किया उन्होंने पहला कौन बनेगा करोड़पति शो होस्ट किया जो कि लोगो को काफी पसंद आया। तब से ही वो कौन बनेगा करोड़पति शो होस्ट कर रहे हैं। 
अमिताभ बच्चन जी ने काफी फिल्मो में अच्छा काम किया है इसलिए उन्हें 15 फिल्मफेयर अवार्ड मिल चुके हैं और 11 स्क्रीन अवार्ड्स भी। फ़िल्मफैयर में 41 बार उनका नामांकन हो चूका है जो कि बहुत बड़ी बात है। भारत सरकार ने उन्हें 1984 में पदम् श्री , 2001 में पदम् भूषण व 2015 में पदम विभूषण से नवाजा। विश्व की बहुत सारी युनिवर्सिटी ने उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी है। और आज भी उनका व्यक्तित्व बढ़ता ही जा रहा है।

अमिताभ बच्चन जी के मुंबई में मुख्य निवास स्थान का नाम जलसा है। जलसा उन्होंने जया बच्चन के नाम पर ख़रीदा था। 10,125 वर्ग फ़ीट दो मंजिला ये घर मुंबई के जुहू इलाके में स्थित है।

अमिताभ बच्चन से जुड़े कुछ अन्य सवाल
प्रश्न : फिल्म शोले के रिलीज़ होने के वक्त अमिताभ बच्चन की उम्र क्या थी ?
उत्तर : शोले फिल्म 1975 में आयी और अमिताभ जी का जन्म हुआ 1942 में तो उनकी उम्र उस वक्त लगभग 33 वर्ष रही होगी।

प्रश्न : फिल्म बागवान के बाद अमित जी की कौनसी फिल्म आयी ?
उत्तर : अक्श (2001). फिल्म अक्श ने भी काफी तारीफ बटोरी थी।

प्रश्न : अमिताभ बच्चन को फिल्म पर्सनेलिटी ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड कब दिया गया ?
उत्तर : वर्ष 2017 में गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया के 48वे एडिशन के दौरान।

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शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2018

ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारतीय व्यक्ति

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ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारतीय व्यक्ति

ऑस्कर अवॉर्ड्स जो कि अमेरिका की एक संस्था द्वारा दिया जाता है वह बहुत ही बड़ा सम्मान है। और यह सम्मान और भी बड़ा हो जाता है जब किसी और देश का व्यक्ति इसे पाता है। यह पुरस्कार मिलना तो बड़ी बात है ही इसमें नॉमिनेशन होना भी छोटी बात नहीं है। अभी तक सिर्फ 15 -20 फिल्मो का नामांकन ही हुआ है ऑस्कर के लिए जिनमे मुख्य मदर इंडिया सबसे पहले 1958 में, 1983 में गाँधी, 1989 में सलाम बॉम्बे, 2002 में लगान, 2007 में वॉटर, 2009 में स्लम डॉग मिलेनियर, 2013 में लाइफ ऑफ़ पाई जैसी फिल्मों का नामांकन हुआ। तो इससे ये पता चलता है की ऑस्कर में स्तर इतना ऊँचा है की जीतना तो दूर की बात है पहले नामांकन ही आसान बात नहीं है। 
भानु अथैया ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय महिला 
  • ऑस्कर में सबसे पहले नामांकित होने वाली भारतीय फिल्म : मदर इंडिया (1958 )
  • ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय : भानु अथैया इन्होने 1983 में गाँधी फिल्म के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइन कैटेगरी में ऑस्कर जीता। गाँधी ब्रिटिश इंडियन प्रोडक्शन की एक फिल्म थी। 
  • 1992 में पाथेर पांचाली के लिए सत्यजीत रे को मानद ऑस्कर पुरुस्कार से नवाजा गया। 
  • 2009 में भारत ने ऑस्कर में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। फिल्म स्लम डॉग मिलेनियर ने तीन केटेगरी में ऑस्कर जीता। ए आर रहमान ने एक ही कार्यक्रम में 2 ऑस्कर अवॉर्ड्स जीते। बेस्ट साउंड मिक्सिंग का ऑस्कर रेसुल पूकुट्टी ने जीता। बेस्ट ओरिजिनल स्कोर केटेगरी में ए आर रहमान ने ऑस्कर जीता। और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग केटेगरी में ए आर रहमान व गुलजार ने ऑस्कर जीता। स्लम डॉग मिलेनियर का ये गाना था -"जय हो ". इसका संगीत ए आर रहमान ने दिया था व इसको गुलजार ने लिखा था। 
  • अभी तक इतना ही है बाकी आगे कुछ आएगा तो आपको अपडेट करेंगे। 
ऑस्कर के बारे में अफवाहें 
  • हाल ही में मुझसे एक प्रश्न किया गया ताल फिल्म के किस गाने को ऑस्कर अवार्ड मिला तो इसका उत्तर है किसी गाने को नहीं क्यूंकि नॉमिनेट ही नहीं हुआ ताल का कोई गाना ऑस्कर के लिए। 
  • लाइफटाइम अचीवमेंट ऑस्कर पुरस्कार विजेता कौन है ? -- इसका उत्तर है ऑस्कर में ऐसी कोई केटेगरी है ही नहीं है। 
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ऑस्कर अवार्ड्स के बारे में हिंदी में जानकारी

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ऑस्कर अवार्ड्स के बारे में हिंदी में जानकारी 

ऑस्कर अवॉर्ड्स को अकादमी अवॉर्ड्स भी कहा जाता है क्योंकि जो संस्थान ये अवॉर्ड देता है उसका नाम है अकादमी ऑफ़ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) है। ये पुरस्कार हर साल आयोजित किये जाते हैं और 24 कैटेगरी में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को उनकी सिनेमा में कला व तकनीकी में योगदान को मानने के लिए दिए जाते हैं। 
अकादमी अवॉर्ड ट्रॉफी यानि ऑस्कर
ये ट्रॉफी जो ऑस्कर अवॉर्ड्स में दी जाती है इसका वजन लगभग 3.85 किलोग्राम होता है। ये कांसे की प्रतिमा होती है जिसे पर स्वर्ण की परत चढ़ी होती है सबसे पहले ऑस्कर अवॉर्ड्स अमेरिका में 1929 में AMPAS ने आयोजित करवाए। ये एक प्राइवेट कार्यक्रम था इसके बाद 1930 में पहली बार ये कार्यक्रम रेडियो पर आयोजित हुआ और हर साल आयोजित किया जाने लगा। 1953 में पहली बार ऑस्कर अवॉर्ड्स टीवी पर दिखाए गए। 2017 में 90वे ऑस्कर अवार्ड्स कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम स्थल लॉस एंजेलेस, केलिफोर्निया (अमेरिका ) स्थित डोल्बी थियेटर था। वर्ष 2002 से डॉल्बी थियेटर में ही ये कार्यक्रम हर साल आयोजित होता है। 
2017 में 90 वे ऑस्कर अवॉर्ड्स को मिलाकर अब तक कुल 3072 पुरुस्कार बांटे जा चुके हैं।
90वें ऑस्कर अवार्ड्स जेम्स क्रिस्टन उर्फ़ जिम्मी किम्मेल ने होस्ट किये। जिम्मी एक अमेरिकन टीवी होस्ट, कॉमेडियन, लेखक व प्रोडूसर हैं।

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भारत में सबसे पहले किस राज्य में महिलाओं के लिए आरक्षण शुरू हुआ ?

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भारत में सबसे पहले किस राज्य में महिलाओं के लिए आरक्षण शुरू हुआ ?

हाल ही में अगस्त 2017 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की घोषणा की।  उन्होंने कहा कि वन विभाग के अलावा सरकारी दफ्तरों के हर विभाग में ये आरक्षण लागू किया जायेगा और इससे महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

और ये आरक्षण सुनिश्चित करेगा की 100 सीट में से 33 सीट महिला उम्मीदवारों को मिलें। वन विभाग में कठिनाई भरे काम को महिला न करें व सुरक्षा की दृष्टि से सम्मान करते हुए उन्हें वन विभाग से थोड़ा दूर रखने का प्रयास किया गया है लेकिन आने वाले समय में शायद वहां पर भी महिलाओं की तैनाती की जाएगी क्योंकि आज महिला लड़ाकू विमान भी चला रही है। नेवी में भी योगदान दे रही हैं तो एक दिन वो वन विभाग के कार्य भी आराम से करेंगी।
india me mahilao ke liye aarakshan kis rajya shuru hua

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गुरुवार, 18 अक्तूबर 2018

भारत में किन किन नौकरियों में आरक्षण लागू है ?

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भारत में किन किन नौकरियों में आरक्षण लागू है ?

भारत में संविधान के अनुसार जातिगत आरक्षण है जिसे सभी जातिवर्गों को सामान स्थान पर लाने के लिए शुरू किया गया था।  शुरू में आरक्षण कुछ समय के लिए शुरू किया गया था लेकिन बाद में वोट बैंक राजनीति की वजह से इसे हटाया नहीं जा सका। 
भारत में इस समय शिक्षा और व्यवसाय दोनों में ही जातिगत आरक्षण है। अधिकतर सभी सरकारी नौकरी में आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। हाँ कुछ विशेष नौकरी होती हैं जहाँ काफी स्किल की जरुरत होती है उनमे सरकारी होने के बावजूद भी कई बार आरक्षण को उतना लागू नहीं किया जाता। लेकिन सामान्य सभी सार्वजानिक नौकरियों में आरक्षण है। 

अगर में प्रतिशत की बात करूँ तो अनुसूचित जाति वर्ग को 15 % आरक्षण है। अनुसूचित जनजाति को 7.5% आरक्षण है। पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है। इस तरह से कुल 49.5 प्रतिशत सीट आरक्षण में जाती हैं और बाकि सीट पर अन्य सभी वर्ग और आरक्षित वर्ग भी अपना दावा ठोक सकते हैं। मतलब कई विभाग में सामान्य वर्ग की सीट पर भी आरक्षित वर्ग का व्यक्ति अगर उसके मार्क अच्छे आये हैं तो बाद में सामान्य सीट पर एडमिशन ले लेते हैं। 
कई बार आरक्षण पर वाद विवाद होते हैं। जिनको आरक्षण मिल रहा है उन्हें कम मेहनत में अच्छा विद्यालय व अच्छी नौकरी मिल रही है वो उसे अच्छा मानते हैं लेकिन अधिकतर लोग जातिगत आरक्षण के खिलाफ नजर आते हैं जब उनसे इस पर राय पूछी जाती है। 
और यह युवाओं पर बहुत ही गहरा असर डालता है क्यूंकि ये जाति आधारित है। यह दीमक की भांति उनके भविष्य को काटता चला जा रहा हैं। दो भिन्न वर्ग के बच्चे हैं उनमे से एक बहुत ज्यादा पढता है और एक आनंद से जीवन बिताता हैं लेकिन अंत में निचली जाति वर्ग का बच्चा सफल घोषित हो जाता है और ऊपरी जाति वर्ग का बच्चा असफल। मेरिट को गहरी चोट पहुंचाता है आरक्षण। कई बार कम कुशल एवं निपुण व्यक्ति आरक्षण की वजह से नौकरी पा लेता है और अधिक कुशल एवं निपुण व्यक्ति खड़ा रह जाता है। जिसकी वजह से कई बार अच्छे पढ़े लिखे कुशल व्यक्ति विदेश चले जाते है और जो योगदान वो अपने देश को दे सकते थे वो उसकी बजाय अन्य देश को पहुंचाते हैं तो निश्चित तौर पर आरक्षण दीमक की तरह युवाओं के भविष्य पर बुरा असर डालता है। निचली जाति का जो बच्चा उदहारण के तौर पर यदि 100 में से 50 मार्क्स लाने की क्षमता रखता है लेकिन उसे 20 मार्क्स पर ही आरक्षण के अनुसार एडमिशन मिल जायेगा या फिर नौकरी मिल जाएगी तो वो मेहनत क्यों करेगा और इस तरह देश धीरे धीरे कमजोर होता है और नेता राजनीति करते रहते हैं और किसी व्यक्ति ने कहा है कि अगर आपको लम्बे समय तक शासन करना है तो अपनी प्रजा को ज्यादा सुदृढ़ मत करो बल्कि उन्हें अपंग बना के रखो ताकि वो आपकी बात सुने। तो कहीं न कहीं काफी नुकसान पहुंचाता है जातिगत आरक्षण। 

  • bharat me kin kin naukariyo me aarakshan lagu hai 
  • bharat me jati aadharit aarakshan yuvaon ke bhavishya ko dimak ki bhanti kat raha hai
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